उत्तराखंड कांग्रेस में हरिद्वार और नैनीताल सीट पर टिकट बंटवारे को लेकर उलझन बरकरार है। इस बीच हरिद्वार से टिकट के दावेदार और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने फिर से खलबली मचा दी है। हरीश रावत ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी भावना व्यक्त की है और खुद को कुछ ना कर पाने की स्थिति में बताया है।
अब बड़ा सवाल है कि हरीश रावत का इशारा किस ओर है। क्या इसका हरिद्वार से टिकट को लेकर कोई ताल्लुक है या तमाम कोशिशों के बाद भी टिकट को लेकर उनकी जो इच्छा है वो पूरी नहीं हो पाने की तकलीफ है। बहरहाल हरीश रावत के मन की बात समझना राजनीति के लिहाज से हर किसी के लिए अबूझ पहेली की तरह है, मगर उनकी पोस्ट की टाइमिंग कई संकेत जरूर दे रही है। हरीश रावत ने कल यानी 19 मार्च को पोस्ट लिखी। 
“मैं हमेशा खुश रहने का प्रयास करता हूं। जीवन के कठिनतम दौर में भी मुस्कुराहट ने मेरा साथ नहीं छोड़ा, क्योंकि मैंने रहीम के दोहे को अपने जीवन का मार्गदर्शक बना दिया…
चाह गई चिंता मिटी, मनुआ बेपरवाह,
जिनको कछु न चाहिए, वे साहन के साह॥
कल अर्थात 20 मार्च, 2024 को दुनिया हैप्पीनेस डे के रूप में मनाएगी, आप भी खुश रहें। लेकिन मैं पिछले दो-तीन दिन से अपने को “किम् कर्तव्य मूढ़” अर्जुन की स्थिति में पा रहा हूं, हाथ में धनुष भी है, तूणीर में बाण भी हैं, सामने चुनाव की चुनौती भी है, मगर मैं किम् कर्तव्य मूढ़ता की स्थिति में हूं?
हैप्पीनेस डे में आप सबकी शुभकामनाएं शायद मेरी कुछ मदद कर सकें।”
हरीश रावत के मन में क्या?
हरीश रावत ने कहा है शायद आपकी शुभकामनाएं मेरी कुछ मदद कर सकें। सवाल है कि हरदा किस मसले पर मदद की ब त कर रहे हैं? आखिर क्यों वो खुद को असहज महसूस कर रहे हैं? रावत ने ये पोस्ट कल दिल्ली में हुई उत्तराखंड कांग्रेस नेताओं की बैठक के बाद शेयर की है। ऐसे में अटकलें लगाई जा रही हैं कि शायद बैठक में वो जो चाहते थे उस पर सहमति नहीं बनी, हरिद्वार सीट को लेकर ही उनकी इस पोस्ट को जोड़कर देखा जा रहा है।
कल उत्तराखंड की सीटों पर कोई फैसला नहीं होरी पाया और उम्मीद है कि आज कोई फैसला हो सकता है, बड़ा सवाल ये भी कि क्या हरदा के मन की होगी या नहीं?

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