विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को भले ही करारा झटका लगा हो मगर हरीश रावत 2024 की तैयारी में जुट गए हैं और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की कसरत भी शुरू कर दी। 24 अक्टूबर को सड़क हादसे में घायल होने के बाद हरदा की सक्रियता कुछ कम हुई थी। इलाज के लिए वो अस्पताल में भर्ती भी हुए। अब उन्होंने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

किसानों के मुद्दे पर हरदा की चेतावनी
हरीश रावत ने कहा है किसान अपमानित महसूस कर रहा है कि दैवीय आपदा में धान, गन्ना और चरी को हुये भारी नुकसान के बावजूद सरकार ने केवल 1100 रूपया बीघा, वो भी कुछ ही किसानों को आर्थिक मदद दी है। तब से निरंतर किसान इस राशि को बढ़ाने के लिए संघर्षरत हैं और यह राशि बढ़ाई जानी चाहिये। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीनी के दामों को देखते हुये गन्ने का खरीद मूल्य सवा चार सौ रुपया प्रति कुंतल से ऊपर होना चाहिए। इकबालपुर चीनी मिल के किसानों का आज भी चीनी मिल पर सौ करोड़ रुपये के लगभग बकाया है, उसका भुगतान बार-बार आवाज उठाने के बावजूद भी सरकार ने प्रारंभ नहीं किया है। इधर खाद नहीं मिल रही है और भी बहुत सारी कठिनाइयां किसानों को उठानी पड़ रही हैं। हमने किसान सम्मान यात्रा निकाली थी और यह कहा था कि लक्सर, भगवानपुर, डोईवाला, छिद्दरवाला में भी इसी तरीके की #किसान_सम्मान_यात्राएं निकाली जाएंगी, दुर्भाग्य से 24 अक्टूबर को मैं दुर्घटनाग्रस्त हो गया और अब भी बहुत संघर्ष करने की स्थिति में नहीं हूं। लेकिन किसानों की उपेक्षा न हो सरकार के दरवाजे खट-खटाये जाएं, मैं पहले भी एक घंटे का मौन उपवास अपने आवास पर रख चुका हूं। अब मैंने तय किया है कि दिनांक-7 दिसंबर, 2023 को गांधी पार्क देहरादून में प्रातः 11 बजे से हम एक दिन का #उपवास रखेंगे जिसमें 1 घंटे का मौन व्रत होगा और गांधी जी के भजन, रघुपति राघव राजा राम के साथ उपवास की समाप्ति होगी।

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