मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तराखण्ड में लागू किए गए देश के सबसे सख्त नकल विरोधी कानून पर आधारित शॉर्ट फिल्म “आखिरी कोशिश” का विमोचन किया गया। ये शॉर्ट फिल्म युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने वाले राज्य सरकार के ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय को प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत करती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में लागू इस कठोर कानून ने प्रदेश में वर्षों से सक्रिय नकल माफिया की कमर तोड़ दी। कानून के सख्त क्रियान्वयन का सीधा परिणाम यह रहा कि 28,000 से अधिक युवाओं को पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ सरकारी सेवाओं में नियुक्ति प्राप्त हुई।
शॉर्ट फिल्म “आखिरी कोशिश” ईमानदारी, मेहनत और न्याय आधारित व्यवस्था का संदेश देती है तथा यह दर्शाती है कि कैसे नकल और भ्रष्टाचार मुक्त परीक्षा प्रणाली युवाओं के सपनों को साकार करने का मार्ग प्रशस्त करती है। यह फिल्म न केवल युवाओं बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए प्रेरणास्रोत है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय न हो। नकल विरोधी कानून उत्तराखंड में सुशासन, पारदर्शिता और योग्यता आधारित चयन प्रणाली की मजबूत नींव है। ये शॉर्ट फिल्म युवाओं से आग्रह करती है कि वे इसे अवश्य देखें और ईमानदारी व आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ें। “आखिरी कोशिश” उत्तराखण्ड की उस नई पहचान को दर्शाती है, जहां मेहनत की जीत और नकल की हार सुनिश्चित की गई है।

More Stories
एविएशन सेक्टर में उत्तराखंड को मिला सम्मान
उत्तराखंड में हाउसिंग को लेकर समीक्षा बैठक
चुनावी तैयारियों में जुटी उत्तराखंड कांग्रेस, अगले तीन महीने तक होंगे धरना प्रदर्शन, 16 फरवरी को राजभवन घेराव का ऐलान