21 September 2026

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गौचर में किसान दिवस पर हुआ कुछ खास

गौचर में किसान दिवस पर हुआ कुछ खास

चमोली जनपद के गौचर में किसानों के कल्याण तथा आर्थिक उत्थान को समर्पित राज्य स्तरीय किसान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत 88 हजार किसानों को ₹65 करोड़ 12 लाख की बीमा राशि DBT के माध्यम से हस्तांतरित की। गौचर में किसान दिवस पर हुआ कुछ खास

केंद्रीय मंत्री ने उत्तराखण्ड में ₹100 करोड़ की लागत से ‘Clean Plant Centre’ स्थापित किए जाने और घेरबाड़ योजना के लिए प्रदेश को ₹90 करोड़ का अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने PMGSY-4 योजना के अंतर्गत राज्य की 309 बसावटों को जोड़ने के लिए 1228.2 किमी सड़कों के निर्माण हेतु ₹1706.94 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने का पत्र भी मुख्यमंत्री को सौंपा।

राज्य स्तरीय किसान दिवस के आयोजन में खेती-बागवानी तथा इससे जुड़े क्षेत्रों में राज्य में हो रहे अभूतपूर्व बदलावों के साथ ही किसानों के कल्याण एवं आर्थिक उत्थान की दिशा में किए जा रहे ऐतिहासिक प्रयासों की जीवंत तस्वीर देखने को मिली। इस आयोजन में प्रतिभाग करने के लिए गौचर पहुँचे केंद्रीय कृषि मंत्री उत्तराखण्ड में कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलावों के साक्षी बने तथा इस दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों की जमकर सराहना की।

केंद्रीय कृषि मंत्री एवं मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों से संवाद कर मेले में विभिन्न विभागों एवं महिला समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया। कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं इससे जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को आत्मा योजना के अंतर्गत ‘किसान भूषण पुरस्कार’ से सम्मानित करने के साथ ही रिवर्स पलायन कर कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले किसानों एवं समूहों को भी सम्मान दिया गया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकार उत्तराखण्डवासियों की निरंतर सेवा कर रही हैं। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य के विकास के प्रति समर्पित रहने के साथ ही महिला और किसानों के सशक्तिकरण के लिए विशेष तौर पर प्रयासरत रहते हैं।

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उन्होंने उत्तराखण्ड के माल्टा की प्रशंसा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखण्ड के माल्टा को देश – विदेश तक पहुंचाने के लिए कोर कसर नहीं छोड़ेगी। उत्तराखण्ड में भले ही खेती की जमीन कम हो रही है, बावजूद इसके कृषि उत्पादन बढ़ रहा है।

केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि खराब पौधों के कारण किसानों की मेहनत बेकार न हो, इसके लिए केंद्र सरकार मुक्तेश्वर में ₹100 करोड़ की लागत से ‘Clean Plant Centre’ स्थापित करेगी। इस सेंटर से किसानों को कीवी, सेब, माल्टा सहित नींबू प्रजाति फलों की अच्छी पौध मिलेगी।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर, उत्तराखण्ड को फल और सब्जी उत्पादन की वैश्विक राजधानी बनाने का संकल्प लेकर कार्य रही हैं। केंद्र सरकार कृषि अधिकारियों- वैज्ञानिकों की टीम के जरिए उत्तराखण्ड में कृषि के लिए पांच साल का रोडमैप पर बनाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में जंगली जानवरों से खेती को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए केंद्र सरकार इस वित्तीय वर्ष में घेरबाड़ योजना में ₹90 करोड़ की अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराएगी।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री इंटीग्रेटेड खेती पर जोर दे रहे हैं, ताकि छोटे-छोटे खेतों में अधिक उत्पादन हो सके। इसके लिए हमें फल, सब्जी, पशु पालन, मछली पालन के साथ ही जड़ी बूटी उत्पादन पर जोर देना होगा। केंद्र सरकार नीतिगत बदलाव के जरिए प्रदेश की जरूरत के अनुसार बजट उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखण्ड में न्यूजीलैंड के साथ मिलकर, Kiwi Fruit Center of Excellence भी बनाएगी।

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केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड सरकार ने मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना के जरिए महिलाओं का लखपति बनाने की दिशा में ठोस पहल की है, इस योजना में भारत सरकार भी सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार ने समान नागरिक संहिता, सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत महिला आरक्षण और ब्लॉक स्तर पर किसान दिवस आयोजित कर सुशासन की नई मिशाल पेश की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने विकसित भारत जी राम जी योजना के जरिए ग्रामीण विकास को नई गति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का स्वागत किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्व. चौधरी चरण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि किसान स्वाभिमान और परिश्रम के प्रतीक हैं, जिनकी समृद्धि से ही देश की समृद्धि संभव है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्राकृतिक खेती और डिजिटल कृषि जैसी योजनाओं ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया है। राज्य के लगभग 9 लाख किसान इन योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार किसानों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों को तीन लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज उपलब्ध कराया जा रहा है। फार्म मशीनरी बैंक योजना में कृषि उपकरणों पर 80% तक की सब्सिडी दी जा रही है। नहरों से सिंचाई पूरी तरह निःशुल्क की गई है।

उन्होंने कहा कि राज्य में पॉलीहाउस निर्माण के लिए ₹200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि गेहूं पर ₹20 प्रति क्विंटल बोनस और गन्ने पर ₹30 प्रति क्विंटल बढ़ोतरी की गई है। इसके अतिरिक्त, एक हजार करोड़ रुपये की “Uttarakhand Climate Responsive Rain-fed Farming Project” को स्वीकृति दी गई है। राज्य सरकार ने मंडुवा, कीवी और ड्रैगन फ्रूट जैसे फसलों के प्रोत्साहन के लिए नई नीतियां लागू की हैं, जिन पर ₹1200 करोड़ की लागत आएगी।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बागवानी और औद्यानिक विकास को बढ़ावा देने के लिए जापान सहायतित ₹526 करोड़ की “उत्तराखण्ड एकीकृत औद्यानिक विकास परियोजना” संचालित है। बागवानी, मशरूम, शहद, चाय एवं सुगंधित फसलों के उत्पादन में राज्य ने उल्लेखनीय वृद्धि प्राप्त की है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत संकल्प 2047” को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

इस मौके पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि कृषकों के आर्थिक उत्थान एवं कल्याण के लिए संचालित योजनाओं को सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रतिबद्धता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में किसानों की समस्याओं के निराकरण, उन्हें जागरूक करने तथा कृषि से संबंधित विषयों पर त्वरित समाधान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक माह के द्वितीय बृहस्पतिवार को किसान दिवस मनाया जाएगा। सचिव, कृषि डॉ. एस.एन.पाण्डेय ने विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी।