उत्तराखंड सरकार ने नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में सरकार ने प्रशासकों का कार्यकाल 3 महीने के लिए बढ़ा दिया है। लोक सभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता प्रभावी होने की वजह से नगर निकायों की निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने में देरी हो रही है। लिहाजा प्रशासकों का कार्यकाल तीन महीने और नगर निकायों के बोर्ड का गठन, जो भी पहले हो तब तक के लिए विस्तारित किया गया है। आज इसके आदेश जारी हो गए हैं।
पिछले साल दिसंबर से सभी नगर निकायों में कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रशासक तैनात हो गए थे। एक्ट के हिसाब से ये प्रशासक 2 जून यानी छह महीने तक के लिए ही तैनात हो सकते हैं, लेकिन लोकसभा चुनाव की आचार संहिता छह जून तक लागू है।
लिहाजा, निकाय चुनाव इससे पहले नहीं हो पाए हैं। प्रशासकों का कार्यकाल बढ़ाए जाने के साथ ही अब ये भी संकेत मिलने लगे हैं कि फिलहाल सरकार निकाय चुनाव कराने के मूड में नहीं है।

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