मैं भावविह्वल हूं, श्री Rahul Gandhi जी को बधाई देने के लिए शब्द खोजने कठिन हो रहे हैं। मुझे 1989 की याद आ रही है, उनके पिता भारत रत्न स्व. श्री राजीव गांधी जी, उन्होंने विपक्ष के नेता का दायित्व संभाला था, उनकी विपक्ष के नेता के रूप में अभूतपूर्व भूमिका थी। मुझे पार्टी सचेतक के रूप में उनके साथ दो वर्ष काम करने का अवसर मिला।
मैंने जितना 10 साल अपने संसदीय जीवन में नहीं सीखा उतना उन दो वर्षों में नेता विपक्ष के रूप में, एक सिखाने वाले गुरु के रूप में मैंने श्री राजीव गांधी जी से सीखा। आज भारतीय लोकतंत्र के चुनौती पूर्ण क्षणों में श्री राहुल गांधी जी ने संविधान की पुस्तिका हाथ में लेकर इस दायित्व को संभाला है, अत्यधिक कठिन डागर होती है। मैं और कांग्रेस के अपने जैसे दूसरे सभी कांग्रेसजनों एवं लोकतंत्र प्रेमियों से प्रार्थना करूंगा कि हम सब मिलकर श्री राहुल गांधी जी की विपक्ष के नेता के रूप में सफलता की कामना करें।

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