17 February 2026

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जंगलों की आग पर घिरी सरकार

जंगलों की आग पर घिरी सरकार

उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग को लेकर कांग्रेस नेता शांति प्रसाद भट्ट ने धामी सरकार‌ पर निशाना साधा‌ है। शांति प्रसाद भट्ट ने आरोप लगाया कि विगत 15 दिनों से उतराखंड के जंगलों में आग लगी है, और आग की 544 घटनाएं, जिनमे 657 हेक्टेयर से अधिक वन/मिश्रित वन जलकर राख हो गया है,किंतु धामी सरकार की नींद नहीं खुली, आलम ये है कि आग आबादी वाले इलाकों तक पहुंच गई तब जाकर सरकार बमुश्किल से हरकत मे आई,वह भी तब जब वायु सेना के दरवाजे पर आग पहुंच गई, और नैनीताल शहर जहां माननीय उच्च न्यायालय भी है मे धुवां धूवां हो गया इसलिए आननफानन मे MI 17 हैलिकाप्टर की मदद ली गई है, वो तो ईश्वर का शुक्र है कि आज बरसात की फुव्वारे पड़ गई है, इससे वनों में लगी आग कुछ हद तक बुझ गई,

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सरकार से सवाल ?

🔹 वन एवम वनवासी(ग्रामवासी) वनो की सुरक्षा से विमुख क्यों हो रहे है ?

🔹 प्रदेश भर मे वन पंचायतों को क्यों नही एक्टिव किया गया? क्या वन पंचायतों का गठन पूर्ण हुआ भी है या नहीं?

🔹 कुल कितने “फायर गार्ड” कार्य कर रहे हैं? कहीं वे अन्य कार्यों पर तो नही लगाये गए है?

🔹वनों में जल कुंडो और ट्रेरंचेज पर समय रहते कार्य क्यों नही किए गए?

🔹वर्तमान सरकार ने “फायर सीजन” को गंभीरता से क्यों नहीं लिया ?
🔹जंगलो मे आग की रोकथाम के लिए क्यो नही फयार सीजन से पूर्व व्यापक प्रचार प्रसार किया ?

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🔹क्या माननीय मुख्य्मंत्री जी को ऐसे वक्त पर किसी अन्य राज्य मे अपनी पार्टी के प्रचार मे व्यस्त होना चाहिए था? या अपने प्रदेश के महत्वपूर्ण विषयों जैसे वनो की आग की रोक थाम पर युद्ध स्तर पर कार्य करना चाहिए था?

🔹अब बैठकें हो रही हैं, जब कई सौ हेक्टेयर जंगल स्वाह हो गए ?
*आंकड़े बताते हैं*

उतराखंड में
72%भाग वनों से आच्छादित है
18%भाग हिमाच्छादित है
12 हजार से अधिक ग्लेशियर है
11 बड़ी नदिया है, और अनेक सहायक नदियां है। जो समस्त उतर भारत की जीवन रेखा है और 60करोड़ से अधिक लोगों को जीवन देती है। मात्र 6%कृषि योग्य भुमि है।
*यही वो जंगल है, जो हमें:*
*वायु सुरक्षा* , *जल सुरक्षा* , *अन्न सुरक्षा* चारा पत्ती, खेती, पशुपालन और गीत संगीत देते है ।
किंतु सरकार और उसके नुमाइंदे इस अत्यन्त महत्वपूर्ण विषय पर गम्भीर नहीं है।