उत्तराखंड में पंचायत चुनाव पर रोक फिलहाल बरकरार रहेगी। नैनीताल हाईकोर्ट में कल भी आस मुद्दे पर सुनवाई जारी रहेगी। आज तकरीबन एक घंटे तक चली सुनवाई के दौरान सरकार से आरक्षण रोस्टर को लेकर जवाब तलब किया गया। सरकार की ओर से लीगल टीम ने जो भी दलीलें दीं कोर्ट उनसे संतुष्ट नजर नहीं आया। सरकार ने आरक्षण को लेकर जो नियम बनाए उसे लेकर पहले दिन से ही सवाल उठाए जा रहे थे। अब कोर्ट में भी हर दिन सरकार की किरकिरी हो रही है।
उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर नैनीताल हाई कोर्ट में आज हुई सुनवाई में कोर्ट ने चुनाव पर लगी रोक हटाने से इनकार कर दिया। इस मामले में अब कल, 26 जून को फिर सुनवाई होगी, जिसमें ये तय होगा कि चुनावों पर रोक हटेगी या नहीं।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखा। सरकार ने बताया कि पंचायत चुनाव के लिए 9 जून को नियमावली तैयार की गई थी, 11 जून को आरक्षण और रोटेशन की सूची जारी हुई और 14 जून को इसका गजट नोटिफिकेशन भी प्रकाशित किया गया। सरकार का दावा था कि सभी प्रक्रियाएं नियमों के अनुसार पूरी की गई हैं। इसके समर्थन में सरकार ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के एक पुराने फैसले का हवाला भी दिया।
हालांकि, हाई कोर्ट ने अभी कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया। कोर्ट ने मामले की गहनता को देखते हुए अगली सुनवाई के लिए कल का समय निर्धारित किया है। 

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