उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में प्रशासकीय और वित्तीय अधिकारों के दुरुपयोग का मामला अब पूरी तरह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के रडार पर आ गया है। करीब ₹13.10 करोड़ के संदिग्ध भुगतान पर उठे सवालों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने विजिलेंस विभाग को खुली जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं। मामले की पत्रावली पर स्वयं सीएम ने अनुमोदन प्रदान कर, स्पष्ट कर दिया है कि करोड़ों की हेराफेरी पर कोई समझौता नहीं होगा।
सूत्रों के अनुसार, पिछले कई वर्षों में विश्वविद्यालय में हुए भुगतान संबंधी निर्णयों में अनियमितताओं के संकेत मिले थे। प्रशासनिक व वित्तीय अधिकारों के मनमाने उपयोग को लेकर शिकायतें लगातार सरकार तक पहुंच रही थीं। प्रकरण का परीक्षण करने के बाद सरकार ने इसे अत्यंत गंभीर मानते हुए सतर्कता विभाग को संपूर्ण जांच सौंपने का निर्णय लिया।
मुख्यमंत्री धामी के निर्देश के बाद अब विजिलेंस विभाग पूरे मामले की गहन जांच करेगा,,कौन-कौन जिम्मेदार था, किस स्तर पर गड़बड़ी हुई और किस उद्देश्य से करोड़ों का भुगतान बिना उचित प्रोटोकॉल के किया गया।

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