6 June 2026

Pahad Ka Pathar

Hindi News, हिंदी समाचार, Breaking News, Latest Khabar, Samachar

अल्मोड़ा में कांग्रेस की न्याय यात्रा, करन माहरा का सरकार पर निशाना, अंकिता केस की सीबीआई जांच की मांग

अल्मोड़ा में कांग्रेस की न्याय यात्रा, करन माहरा का सरकार पर निशाना, अंकिता केस की सीबीआई जांच की मांग

अल्मोड़ा में कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित अंकिता भंडारी न्याय यात्रा में मैं कांग्रेसजनों, मातृशक्ति, युवाओं और बड़ी संख्या में आम नागरिकों के साथ शामिल हुआ। ये यात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उत्तराखंड की अस्मिता, स्वाभिमान और हमारी बहन-बेटियों की इज़्ज़त के लिए उठी निर्णायक आवाज़ है। प्रदेश की जनता अब स्पष्ट रूप से कह रही है कि न्याय के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

अंकिता भंडारी हत्याकांड में आज भी सबसे गंभीर और मूल सवाल अनुत्तरित है कि आख़िर किस ‘वीआईपी’ को बचाने के लिए सरकार ने सच्चाई पर पर्दा डाला? क्यों सरकार सीबीआई जांच से लगातार बच रही है? क्या पुष्कर सिंह धामी की कुर्सी उसी वीआईपी की बैसाखियों पर टिकी है? यदि सरकार निर्दोष है, तो निष्पक्ष जांच से डर किस बात का?

See also  विश्व पर्यावरण दिवस पर चमोली में कार्यक्रम

भाजपा के पूर्व विधायक एवं मंत्री से जुड़ा कथित ऑडियो, जिसे उनकी ही कथित पत्नी द्वारा सार्वजनिक किया गया है, सरकार के सामने मौजूद है। उस ऑडियो में पूर्व विधायक द्वारा ‘गट्टू’ का नाम लिया जाना सरकार की कथनी और करनी पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। इतने महत्वपूर्ण संकेतों के बावजूद जांच को आगे न बढ़ाना, सत्ताधारी दल की मंशा को उजागर करता है। सरकार को और क्या सबूत चाहिए?

यह सरकार इसे अपनी कुर्सी बचाने की राजनीति समझ सकती है, लेकिन हमारे लिए यह हमारी बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय का सवाल है। उत्तराखंड की जनता ने राज्य निर्माण इसलिए नहीं किया था कि रसूख़दारों को बचाने के लिए कानून को मोड़ा जाए और पीड़ित परिवार को न्याय से वंचित रखा जाए। सत्ता का संरक्षण, जांच से पलायन और चुप्पी..ये सब जनता को स्वीकार्य नहीं हैं।

See also  टिहरी में मुख्य सचिव की अहम बैठक

कांग्रेस पार्टी स्पष्ट करती है कि जब तक अंकिता भंडारी को पूर्ण न्याय नहीं मिलता, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर किया जाएगा, वीआईपी को बेनकाब किया जाएगा और निष्पक्ष सीबीआई जांच के माध्यम से दोषियों को कड़ी सज़ा दिलाई जाएगी। यह लड़ाई सड़क से सदन तक, और न्याय मिलने तक निरंतर चलती रहेगी।