22 July 2026

Pahad Ka Pathar

Hindi News, हिंदी समाचार, Breaking News, Latest Khabar, Samachar

आपदा प्रबंधन को लेकर उत्तराखंड और हिमाचल मिलकर करेंगे काम

आपदा प्रबंधन को लेकर उत्तराखंड और हिमाचल मिलकर करेंगे काम

पर्वतीय राज्यों की समान भौगोलिक परिस्थितियों, प्राकृतिक संरचना एवं आपदाओं की एक जैसी प्रवृत्ति को देखते हुए उत्तराखण्ड और हिमाचल प्रदेश ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर सहमति व्यक्त की है। दोनों राज्य एक-दूसरे के अनुभवों, नवाचारों एवं कार्य प्रणालियों से सीखते हुए भविष्य में आपसी सहयोग से कार्य करेंगे।

इसी परिप्रेक्ष्य में हिमाचल प्रदेश के अपर मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत ने आज उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का भ्रमण किया। इस दौरान सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने उत्तराखण्ड में आपदा न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया, जोखिम आकलन तथा जनजागरूकता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी की।

अपर मुख्य सचिव पंत ने कहा कि हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखण्ड दोनों ही राज्य भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील हैं, जहां भूस्खलन, अतिवृष्टि, क्लाउड बर्स्ट, बाढ़ एवं भूकंप जैसी आपदाएं बार-बार सामने आती हैं। ऐसी परिस्थितियों में दोनों राज्यों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान अत्यंत आवश्यक है, जिससे आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके।

See also  गैरसैंण में लगाया गया बहुउद्देशीय शिविर

उन्होंने उत्तराखण्ड में स्थापित उत्तराखण्ड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र जैसे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की सराहना करते हुए हिमाचल प्रदेश में भी इसी प्रकार की व्यवस्था स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की और इसके लिए उत्तराखण्ड से तकनीकी सहयोग का अनुरोध किया। साथ ही उन्होंने भूस्खलन प्रबंधन एवं रोकथाम के क्षेत्र में उत्तराखण्ड द्वारा विकसित प्रणालियों का लाभ लेने की बात कही। उन्होंने भूदेव एप की भी सराहना की।

बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि आपदा के समय प्रभावी संचार एवं त्वरित सूचना आदान-प्रदान अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस संदर्भ में रुद्रप्रयाग जनपद में विकसित DDRN प्रणाली की सराहना करते हुए इसे अन्य क्षेत्रों में भी लागू करने की संभावनाओं पर विचार किया गया। पंत ने हिमालयी क्षेत्रों में बढ़ते हिमनद झील विस्फोट से बाढ़ के जोखिम को देखते हुए हिमाचल प्रदेश में इस दिशा में किए जा रहे कार्यों को साझा किया। सचिव विनोद कुमार सुमन ने हिमनद झीलों की निगरानी, समय रहते चेतावनी जारी करने तथा जोखिम न्यूनीकरण के उपायों को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु आपसी सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का सहयोग भविष्य में बड़ी आपदाओं के प्रभाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

See also  चमोली में हुई गंगा संरक्षण समिति की बैठक

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग को औपचारिक रूप देने के लिए MOU किए जाएंगे, जिससे ज्ञान, तकनीक, प्रशिक्षण एवं संसाधनों का प्रभावी आदान-प्रदान सुनिश्चित हो सके।

इस अवसर पर अपर सचिव महावीर सिंह चौहान, एसीईओ क्रियान्वयन DIG राजकुमार नेगी, अपर सचिव राजस्व हिमाचल प्रदेश निशांत ठाकुर, JCEO मो. ओबैदुल्लाह अंसारी, वित्त नियंत्रक अभिषेक कुमार आनंद, ULMMC के निदेशक शांतनु सरकार, HPSDMA के पीयूष रौतेला, एसके बिरला आदि उपस्थित रहे।

Ad 2
See also  देवप्रयाग में कांग्रेस का प्रदर्शन, बीजेपी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, दिल्ली में छात्रों और राहुल गांधी के खिलाफ हुए एक्शन का विरोध