7 October 2026

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डीजीपी ने की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

डीजीपी ने की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

अभिसूचना एवं सुरक्षा मुख्यालय, उत्तराखण्ड में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी)  दीपम सेठ द्वारा अभिसूचना एवं सुरक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। डीजीपी ने अधिकारियों के साथ विचार विमर्श के उपरान्त महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

उन्होंने आंतकवाद नियंत्रण के दृष्टिगत राष्ट्रीय स्तर पर संचालित भारत की पहली आंतकवाद निरोधी नीति “प्रहार” को धऱातल पर क्रियान्वित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को कट्टर बनाने के इनपुट्स एवं उसके साथियों की देश भर में गिरफ्तारियों के दृष्टिगत जनपदों में विशेष सतर्कता बरती जाए।

डीजीपी ने आगामी विधानसभा चुनाव एवं बढ़ती सुरक्षा संवेदनशीलता के दृष्टिगत मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। डीजीपी ने की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

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उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सीमाओं (चीन एवं नेपाल सीमा) से सटे जनपदों में संदिग्ध गतिविधियों, सीमा पार से घुसपैठ तथा राष्ट्रविरोधी तत्वों की आवाजाही पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु ITBP, SSB, IB सेना, राज्य पुलिस एवं ATS के शीर्ष अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय ‘इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन बैठक’ आयोजित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार बढ़ रही पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं की संख्या तथा वर्तमान में गतिमान चारधाम यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ रखा जाए। उन्होंने आगामी कुंभ मेला तथा अन्य प्रमुख धार्मिक आयोजनों के निर्बाध एवं सकुशल संचालन हेतु ठोस सुरक्षा कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया।

डीजीपी ने आगामी विधानसभा चुनावों तथा विशिष्ट महानुभावों (VVIPs) के प्रस्तावित कार्यक्रमों के दृष्टिगत कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा के कड़े इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों, कुंभ मेले और धार्मिक आयोजनों के दृष्टिगत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप ग्रुप्स) पर 24 घंटे सघन निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी भड़काऊ सामग्री या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों को समय रहते चिह्नित कर लिया जाए।

संवेदनशील मामलों व सांप्रदायिक मुद्दों को लेकर फैलने वाली भ्रामक खबरों, छेड़छाड़ किए गए वीडियो/ डीपफेक और अफवाहों का तत्काल आधिकारिक खंडन (Fact-Check) जारी किया जाए।

 

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