उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने अपने दो दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान शनिवार सायंकाल मुनस्यारी में जनपद में संचालित विभिन्न विकास एवं प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा की। इस अवसर पर जिलाधिकारी आशीष भटगांई द्वारा पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जनपद में संचालित विकास योजनाओं, निर्माण कार्यों तथा विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई।

प्रस्तुतीकरण के दौरान जिलाधिकारी ने राज्यपाल को मुनस्यारी, धारचूला एवं जनपद के अन्य क्षेत्रों में संचालित महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों, सड़क संपर्क परियोजनाओं, आदि कैलाश यात्रा की व्यवस्थाओं, होमस्टे विकास कार्यक्रमों, सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन संवर्धन, वाइब्रेंट विलेज योजना तथा केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया।
जनपद में संचालित विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए माननीय राज्यपाल ने जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सुझाव दिया कि जनपद में किए जा रहे नवाचारों, विकास कार्यों एवं परिवर्तनकारी पहलों की छोटी-छोटी सफलता की कहानियां तैयार कर उनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आमजन को योजनाओं के सकारात्मक प्रभावों की जानकारी मिल सके।
राज्यपाल ने कहा कि जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में बीते वर्षों में बहुत से विकासात्मक परिवर्तन हुए हैं और यह भी सुझाव दिया कि जनपद के इन विकासात्मक परिवर्तनों का व्यवस्थित अभिलेखीकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की पूर्व एवं वर्तमान स्थिति का तुलनात्मक विवरण तैयार करने से योजनाओं के वास्तविक प्रभावों का आकलन करने में सहायता मिलेगी तथा यह भविष्य की कार्ययोजनाओं के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा।
राज्यपाल ने जिला प्रशासन को जनहित एवं विकासोन्मुख कार्यों को इसी प्रकार समर्पित भाव से आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया तथा सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में किए जा रहे विकास कार्यों और प्रयासों की सराहना की।
आज सुबह राज्यपाल ने 14वीं वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के मुनस्यारी स्थित चौकी के अधिकारियों एवं जवानों के साथ संवाद किया। उन्होंने सीमांत क्षेत्रों की सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, नागरिक सहयोग तथा राष्ट्र सेवा में आईटीबीपी के योगदान की सराहना करते हुए जवानों का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर माननीय राज्यपाल ने कहा, “यह मेरे लिए गर्व का विषय है कि मुझे मुनस्यारी आने तथा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के वीर जवानों, अधिकारियों एवं उनके परिवारों से मिलने का अवसर प्राप्त हुआ। जिस उच्च मनोबल, समर्पण और अनुशासन के साथ आप सभी इस दुर्गम एवं चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में देश की सीमाओं की सुरक्षा कर रहे हैं, वह वास्तव में प्रेरणादायी है। आपका अटूट कर्तव्यबोध और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। विषम परिस्थितियों एवं कठिन मौसम के बावजूद आपकी मुस्तैदी और प्रतिबद्धता राष्ट्र के प्रति आपकी निष्ठा को दर्शाती है। पूरे देश को आप पर गर्व है

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