अंकिता भंडारी हत्याकांड को कई महीने बीत जाने के बाद भी आज तक जनता के महत्वपूर्ण सवालों का जवाब नहीं दिया गया है। मामले में लगातार वीआईपी का जिक्र सामने आया, दुष्यंत गौतम और अजय कुमार जैसे नाम सार्वजनिक चर्चा में आए, लेकिन अब तक सीबीआई ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनसे पूछताछ हुई या नहीं।
इसके अलावा जिस रिजॉर्ट पर बुलडोजर चलाकर महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट किए गए, उस मामले में भी कोई स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई है। कुछ समय पहले जब हम सीबीआई कार्यालय पहुंचे थे, तब अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिया गया था कि जांच की प्रगति और महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी दी जाएगी, लेकिन आज तक कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।
इसी के विरोध में 2 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे सीबीआई कार्यालय, इंदिरानगर, देहरादून में शांतिपूर्ण तालाबंदी कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से लोग पहुंचेंगे और सीबीआई से जवाब मांगेंगे कि:
1. आरोपित वीआईपी व्यक्तियों से पूछताछ क्यों नहीं की गई है?
2. अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?
3. अंकिता भंडारी के माता-पिता से अब तक पूछताछ क्यों नहीं की गई है?
4. उर्मिला सनावर की की ऑडियो वीडियो की जांच अब तक हुई है या नहीं?
5. अब तक उर्मिला सनावर से पूछताछ क्यों नहीं की गई है?
6. साक्ष्य मिटाने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
7. जांच की वास्तविक स्थिति क्या है?
कार्यक्रम के समर्थन में कई नागरिकों के वीडियो संदेश भी सोशल मीडिया पर जारी किए जा रहे हैं, जिनमें लोग न्याय की मांग कर रहे हैं। हम साफ कहना चाहते हैं कि यह आंदोलन न्याय, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग के लिए है।

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