4 November 2026

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धामी सरकार की ‘सर्विस सेक्टर नीति’ उत्तराखंड की बहुमूल्य जमीनों को निजी हाथों में बेचने का सुनियोजित माध्यम: प्रीतम सिंह

धामी सरकार की ‘सर्विस सेक्टर नीति’ उत्तराखंड की बहुमूल्य जमीनों को निजी हाथों में बेचने का सुनियोजित माध्यम: प्रीतम सिंह

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आज पूरे उत्तराखंड में ‘भूमि बचाओ-धामी हटाओ’ आंदोलन का शंखनाद किया गया। इसी कड़ी में विकासनगर क्षेत्र के डाकपत्थर में कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष और स्थानीय विधायक प्रीतम सिंह के नेतृत्व में एक विशाल धरना-प्रदर्शन धामी सरकार की ‘सर्विस सेक्टर नीति’ उत्तराखंड की बहुमूल्य जमीनों को निजी हाथों में बेचने का सुनियोजित माध्यम: प्रीतम सिंहआयोजित किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनता ने धामी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सरकारी जमीनों को कौड़ियों के भाव निजी हाथों में बेचने का विरोध किया।

सड़क से सदन तक लड़ी जाएगी हक की लड़ाई: प्रीतम सिंह

धरने को संबोधित करते हुए पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि धामी सरकार तथाकथित ‘सर्विस सेक्टर नीति’ के नाम पर उत्तराखंड के जल, जंगल और जमीन की खुली नीलामी कर रही है। डाकपत्थर में यमुना जल विद्युत परियोजना (UJVNL) की लगभग 180 एकड़ (722 बीघा) बहुमूल्य सरकारी भूमि को उत्तराखंड निवेश एवं अवसंरचना विकास बोर्ड (UIIDB) के माध्यम से बाहरी निजी कंपनियों को सौंपने की साजिश रची जा रही है। यह भूमि दशकों से स्थानीय लोगों की आजीविका और जल-विद्युत परियोजनाओं से जुड़ी है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस इस जनविरोधी फैसले को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी और इसके खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक निर्णायक संघर्ष करेगी।

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मूल निवासियों के साथ हुआ विश्वासघात

प्रदर्शन में मौजूद पूर्व विधायक नवप्रभात ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का गठन यहां के संसाधनों की रक्षा और स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के लिए हुआ था, न कि बाहरी भू-माफियाओं को जमीनों की बंदरबांट करने के लिए। सरकार को डाकपत्थर भूमि हस्तांतरण से जुड़े सभी दस्तावेजों को तत्काल सार्वजनिक करना चाहिए। जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजय किशोर ने भी सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना करते हुए इसे उत्तराखंड की अस्मिता के साथ खिलवाड़ बताया।

प्रमुख मांगें

1. डाकपत्थर की 180 एकड़ सरकारी भूमि को निजी कंपनियों को लीज पर देने का फैसला तुरंत वापस लिया जाए।

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2. प्रदेश में पर्यटन और सर्विस सेक्टर के नाम पर स्थानीय हितों को कुचलना बंद हो।