20 February 2026

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मोदी सरकार पर चयनिका उनियाल का प्रहार

मोदी सरकार पर चयनिका उनियाल का प्रहार

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता और लोकसभा चुनाव के लिए उत्तराखण्ड मीडिया प्रभारी चयनिका उनियाल ने आज प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय देहरादून में केन्द्र की भाजपा सरकार के दस साल के कार्यकाल की विफलताओं पर ‘‘पिछले दस साल -अन्याय काल’’ पत्रकार वार्ता को संबोधित किया।

चयनिका उनियाल ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा पिछले 10 वर्षों में किये गये गंभीर अन्याय ने हमारे लोगों, हमारे लोकतंत्र और हमारे संविधान को गंभीर चोट पहुंचाई है। जहां बेतहाशा बेरोजगारी ने हमारे युवाओं के सपनों और भविष्य को पूरी तरह से चकनाचूर कर दिया है वहीं कमरतोड़ महंगाई ने हमारे गरीबों और मध्यम वर्ग की मेहनत की कमाई को नष्ट कर दिया है। आज आय की असमानता चरम पर है। मुट्ठी भर अरबपति व धनकुबेर वर्तमान व्यवस्था पर शासन करते हैं और सरकार को अपने हाथों की कठपुतली बनाते हैं। दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक और गरीबों के साथ भेदभाव व अत्याचार किया गया है। किसानों के साथ पग-पग पर धोखा हुआ है। महिलाओं के खिलाफ पूरे देश में अपराध अपने चरम पर हैं। भाजपा सरकारों द्वारा अपराधियों का महिमामंडन किया जा रहा है। सभी स्वायत्त लोकतान्त्रिक संस्थाओं का गला घोंट कर उन्हें अधीन कर दिया गया है। चुनी हुई सरकारों को अवैध रूप से उखाड़ फेंकने के लिए विपक्ष के खिलाफ ईडी, सीबीआई, आईटी का इस्तेमाल करना सामान्य बन गया है। पूरे विपक्ष को संसद से निलंबित करके कानून बनाये जाते हैं। चीन की घुसपैठ को क्लीन चिट देकर राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाला गया है। भाजपा नेताओं द्वारा अपने जुमलों, पीआर स्टंट, इवेंट के शोरगुल के माध्यम से नागरिकों के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक जीवन को नष्ट कर दिया गया है।

10 साल में 10 अन्याय- चयनित उनियाल

चयनिका उनियाल ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में मोदी सरकार के अन्यायों की लंबी सूची ने भारत के लोगों को भारी कष्ट सहने पर मजबूर कर दिया है।

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1. युवा बेरोजगार – भारत को बेरोजगार बनाओ! आज देश में बेरोजगार लोगों की संख्या तीन गुना हो गई है, 1 करोड़ (2012) से 4 करोड़ (2022) तक। आज देश में बेरोज़गारी दर 45 वर्ष में सबसे अधिक है। तीन में से एक ग्रेजुएट नौकरी की तलाश में है, लेकिन नहीं मिल रही है।

2. महंगाई की मार से बचत नष्ट! उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, सीएनजी, आटा, दाल, चावल, खाना पकाने का तेल, दूध सब कुछ महंगा हो गया है। आवश्यक वस्तुओं पर वैट लगाया गया। आज घरेलू बचत 50 साल के निचले स्तर पर है।

3. खेती और किसानों से धोखा! मोदी सरकार के 3 काले कानूनों ने किसानों को एक साल तक धरने पर बैठने को मजबूर किया इस आन्दोलन में 750 किसान हुए शहीद। उन्होंने कहा कि भारत में हर घंटे कम से कम एक किसान आत्महत्या से मर जाता है (एनसीआरबी 2022)।

4. कमजोर वर्गों (एससी एसटी ओबीसी, अल्पसंख्यक) के खिलाफ भेदभाव, कोई जाति जनगणना नहीं! वर्ष 2013 के बाद से दलितों के खिलाफ अपराध में 46.11ः की वृद्धि हुई है। 2013 के बाद से आदिवासियों के खिलाफ अपराध में 48.15ः की वृद्धि हुई है (एनसीआरबी) उन्होंने कहा कि मोदी सरकार जाति जनगणना से क्यों भाग रही है?

5. महिलाओं पर अत्याचार – बेटी बचाओ बना दोषी बचाओ! एनसीआरबी से पता चलता है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध आज सबसे अधिक है, 2022 में हर घंटे 51 एफआईआर दर्ज की गईं। भाजपा बलात्कारियों को रिहा करती है। बृजभूषण शरण सिंह, कुलदीप सेंगर जैसे आरोपियों और अपराधियों को बचाती है।

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6. सार्वजनिक स्वास्थ्य और कोविड-19 कुप्रबंधन! मोदी सरकार के अनियोजित लॉकडाउन के कारण 4 करोड़ गरीब प्रवासियों को पैदल चलना पड़ा। कोरोना की विनाशकारी डेल्टा लहर जिसने परिवारों को तोड़ दिया और शवों को गंगा में तैरते हुए छोड़ दिया। डब्लू.एच.ओ. का अनुमान है कि कोरोना के चलते 47 लाख लोग मारे गए, जो सरकारी आंकड़ों से दस गुना अधिक है तथा विश्व में 3 में से 1 भारत में मारा गया।

7. एमएसएमई और जीएसटी/मेक इन इंडिया की विफलता! देश की अर्थव्यवस्था में मैन्युफैक्चरिंग की हिस्सेदारी 2014 से गिर रही है और 2022 में 13 प्रतिशत के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गई है। हम चीन से आयात किये गए पार्टस का उपयोग करके मोबाइल फोन असेंबल कर रहे हैं और दावा कर रहे हैं, ‘मेक इन इंडिया’ है! गलत योजना वाले जीएसटी और नोटबंदी के बाद एमएसएमई पर ऊंची लागत का बोझ पड़ा है।

8. ग़रीब पर वार/असमानता/पूंजीपतियों की सरकार- सार्वजनिक क्षेत्र में पीएम मोदी ने बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर एकाधिकार सौंपकर, उसे बिजली के लिए उपभोक्ताओं से अधिक शुल्क लेने और सेबी की नजर में अपने स्टॉक की कीमतें बढ़ाने के लिए इस चुराए गए पैसे का उपयोग करने की अनुमति देकर अडानी को भारत की लूट में मदद की है, जो कम से कम 32,000 करोड़ रुपये का घोटाला है। भारत में सबसे अमीर एक प्रतिशत के पास अब देश की कुल संपत्ति का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है, जबकि निचली आधी आबादी के पास कुल मिलाकर केवल 3 प्रतिशत संपत्ति है।

9. चीन, अग्निवीर और आतंकवाद- पीएम मोदी ने 19 जून 2020 को अपने बयान श्ना कोई हमारी सीमा में घुस आया है, न ही कोई घुसा हुआ है के साथ चीनियों को क्लीन चिट दे दी। यह हमारे सैनिकों का गंभीर अपमान था; 18 दौर की सैन्य वार्ता के बाद हमारे रुख को कई तरह से नुकसान पहुँचाया और 2,000 वर्ग किमी के नए भारतीय क्षेत्र पर चीनी नियंत्रण जारी रखने में योगदान दिया। पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने खुलासा किया कि अग्निपथ योजना को प्रधानमंत्री द्वारा सशस्त्र बलों पर थोपा गया था, जिसने हमारी सुरक्षा को कमजोर कर दिया है। सामान्य स्थिति के कई खोखले वादों के बावजूद, कश्मीर में हमारे सैनिकों पर आतंकवादी हमलों की संख्या बढ़ रही है।

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10. लोकतंत्र की हत्या! अरुणाचल प्रदेश, गोवा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और मणिपुर में विपक्ष के नेतृत्व वाली राज्य सरकारें तब गिर गईं जब भाजपा ने विधायकों को पाला बदलने के लिए उकसाने के लिए ज़बरदस्त धनबल और ईडी और सीबीआई द्वारा जांच की धमकियां दीं। 2014 के बाद से ईडी और सीबीआई की 95 प्रतिशत जांच विपक्षी राजनेताओं के खिलाफ हुई है। यही नहीं भारत के चुनाव आयोग को दंतहीन बना दिया गया है। यह विपक्षी उल्लंघनों पर नकेल कसते हुए तथा भाजपा और पीएम मोदी द्वारा किए गए उल्लंघनों पर कार्रवाई करने से इनकार करता है। देश की आपराधिक प्रक्रियाओं को बदलने वाले 3 विवादास्पद कानूनों को बदलने के लिए संसद से जबरन 146 विपक्षी सांसदों को निलंबित कर दिया गया।

चयनिका उनियाल ने कहा कि मोदी सरकार और भाजपा-आरएसएस नहीं चाहते कि भारत के लोग वास्तविकता देखे। लेकिन भारत को अब एहसास हो गया है कि वह हमारे नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में ‘‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’’ के माध्यम से आगामी 2024 चुनावों में एक साथ मिलकर शक्तिशाली तरीके से अपनी आवाज उठाएगा। भारत लड़ेगा – न्याय का हक मिलने तक!