6 October 2026

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बीकेटीसी में अब पीएम डीए घोटाला, विकेश नेगी ने आरटीआई के जरिए किया खुलासा

बीकेटीसी में अब पीएम डीए घोटाला, विकेश नेगी ने आरटीआई के जरिए किया खुलासा

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करने में लगे हुए सामाजिक कार्यकर्त्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने सूचना के अधिकार से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर आज नया खुलासा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर समिति के कुछ सदस्यों ने एक वर्ष से कम अवधि में टीए/डीए के नाम पर अनाप-शनाप तरीके से लाखों रूपये का भुगतान लिया है। उन्होंने श्रद्धालुओं के दान-चढ़ावे के धन के दुरूपयोग पर आपत्ति जताते हुए कार्रवाई की मांग की है।

मीडियाकर्मियों से बातचीत में सामाजिक कार्यकर्त्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने बताया कि बीकेटीसी ने सूचना अधिकार के तहत जानकारी दी है कि सदस्यों को मंदिर एक्ट की धारा- 26 (च) के तहत समिति के कार्यकलापों से संबंधित कार्य के लिए यात्रा करने पर पारिश्रमिक या यात्रा भत्ते का प्रावधान है। सदस्यों को विधायकों के समान दैनिक भत्ते की राशि छः हजार रूपये और मार्ग व्यय के रूप में 4 रूपये प्रति किमी दिए जाते हैं। बीकेटीसी में अब पीएम डीए घोटाला, विकेश नेगी ने आरटीआई के जरिए किया खुलासा

उन्होंने कहा कि इसका तात्पर्य यह है कि जब कोई सदस्य मंदिर समिति से संबंधित कार्य करेगा तो ही उसे यात्रा भत्ता व दैनिक भत्ता प्राप्त होगा। यानी, बीकेटीसी बोर्ड की बैठकों और विभिन्न उप समितियों की बैठकों में शामिल होने पर ही भत्ते का प्रावधान है। बीकेटीसी बोर्ड के वर्तमान सदस्यों का मनोनयन विगत वर्ष जून माह में हुआ था। मगर कुछ सदस्यों द्वारा आठ माह की अवधि में अनाप-शनाप तरीके से भुगतान लिया गया है। जबकि इस अवधि में बोर्ड की एक ही बैठक आहूत हुई थी। मगर उप समितियों की बैठकें और धामों के व्यक्तिगत भ्रमण को सरकारी कार्यक्रम दिखा कर भत्ते ले लिए गए।

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उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि इस वर्ष फरवरी में बसंत पंचमी पर बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि निर्धारित करने के लिए नरेंद्रनगर राजमहल में जो कार्यक्रम आयोजित हुआ था, उसमें अधिकांश सदस्यों ने अपनी उपस्थिति दिखा कर भुगतान प्राप्त किया है। जबकि यह कार्यक्रम टिहरी राजपरिवार द्वारा आयोजित किया जाता है और इसमें सदस्यों की उपस्थिति से मंदिर का कोई हित नहीं जुड़ा हुआ है।

इसी प्रकार धामों के कपाट बंद होने के अवसरों पर भी कुछ सदस्यों द्वारा अपनी उपस्थिति दर्ज कर भुगतान लिया गया है। कुछ सदस्यों के केदारनाथ दौरे के हेलीकॉप्टर किराए का भुगतान भी मंदिर के पैसों से किया गया है।

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उन्होंने बताया कि एक सदस्य डॉ विनीत पोस्ती द्वारा केदारनाथ, बदरीनाथ व तुंगनाथ के कपाट बंद होने और मद्महेश्वर मेले में शामिल होने पर भत्ते लिए गए। एक अन्य सदस्य प्रह्लाद पुष्पाण ने बदरीनाथ, केदारनाथ, तुंगनाथ के साथ ही मध्यमहेश्वर की यात्रा कर भुगतान प्राप्त किया। पुष्पाण की मध्यमहेश्वर यात्रा की पत्रावली पर लेखा अनुभाग ने आपत्ति लगाई कि बिल अध्यक्ष द्वारा सत्यापित नहीं है। इसके बावजूद भुगतान कर दिया गया।

सामाजिक कार्यकर्त्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने कहा कि बीकेटीसी के पदाधिकारियों द्वारा जिस प्रकार से श्रद्धालुओं के दान-चढ़ावे के धन को व्यक्तिगत स्वार्थों में खर्च किया जा रहा है, वह घोर आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि मंदिर एक्ट में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष समेत सदस्यों को भी लोकसेवक की परिधि में रखा गया है। इसलिए मंदिर के धन का दुरुपयोग करने वालों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।

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गौरतलब है कि विगत दिनों सामाजिक कार्यकर्त्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने मंदिर के धन से वीआईपी श्रद्धालुओं की आवभगत का मुद्दा भी उठाया गया था, जिस पर उठा विवाद शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। नेगी ने बीकेटीसी के एक उपाध्यक्ष विजय सिंह कप्रवाण द्वारा अपनी पत्नी को अपने साथ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दिखा कर बारह हजार रूपये और रुद्रप्रयाग में अपने घर पर कार्यालय दिखा कर पच्चीस हजार रूपये प्रतिमाह भुगतान लेने का मामला उजागर किया गया था। इसके अलावा मंदिर कोष से ग्यारह लाख रूपये केदारनाथ के तीर्थ पुरोहितों को बांटने का खुलासा भी किया था।