उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष और चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक धीरेंद्र प्रताप ने देहरादून में दीनदयाल उपाध्याय पार्क पर आंदोलनकारी संयुक्त मंच के झंडे तले आयोजित एक दिवसीय सत्याग्रह को संबोधित करते हुए धामी सरकार की कड़ी आलोचना की।
धीरेंद्र प्रताप ने सरकार की आंदोलनकारी विरोधी बताया और कहा कि आंदोलनकारियों का अपमान किसी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी के नेतृत्व में आयोजित एकदिवसीय सत्याग्रह में सैकड़ो आंदोलनकारी ने भाग लिया जिसे धीरेंद्र प्रताप के अलावा मंच के प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती जबर सिंह पावेल पुष्प लता सिलवाना महेंद्र सिंह रावत मोहन सिंह रावत देवी गोदियाल सुरेंद्र सैनी समेत अनेक नेताओं ने संबोधित किया।
आंदोनकारियों की 3 सूत्रीय मांगें
इस सत्याग्रह के माध्यम से आंदोलनकारी ने अपनी तीन सूत्री मांगे सरकार के समझ रखी जिसमें उन्होंने आंदोलनकारी का चिन्हीकरण, आंदोलनकारी को 10% क्षैतिज आरक्षण और पेंशन संबंधी और भू कानून को लेकर जोरदार नारे लगाए। कड़ी धूप के बीच आंदोलनकारी सुबह से दोपहर तीनों तक शबजे तक धरने पर बैठे रहे जहां तहसीलदार ने आकर आंदोलनकारी नेताओं से ज्ञापन लिया जगमोहन सिंह नेगी ने इस मौके पर ऐलान किया कि यदि 14 दिन के अंदर आंदोलनकारी की मांगों को पूरा ना किया गया तो 30 जून को मुख्यमंत्री आवास पर बड़ी रैली आयोजित की जाएगी।
इस मौके पर ये भी ऐलान किया गया कि मुजफ्फरनगर कांड के दोषियों को सजा दिलाने के लिए जो अधिवक्ता मुजफ्फरनगर में पैरवी कर रहे हैं उन्हें उत्तराखंड बुलाकर शहीद स्मारक पर उनको सम्मानित किया जाएगा।

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