16 September 2026

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टनकपुर में मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव

टनकपुर में मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज टनकपुर के छीनीगोठ में आयोजित “मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव” में प्रतिभाग कर महिलाओं के आत्मविश्वास, उद्यमशीलता और पारंपरिक कौशल का उत्सव मनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि “महिलाओं की भागीदारी से ही ‘विकसित उत्तराखण्ड’ का सपना साकार होगा। राज्य सरकार महिलाओं को केवल सहयोग नहीं दे रही, बल्कि उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।” टनकपुर में मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव

इस दौरान मुख्यमंत्री ने उत्सव स्थल पर लगे विभिन्न लाइव स्टॉलों का अवलोकन किया और महिलाओं के श्रम व कौशल को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव किया। उन्होंने न केवल प्रदर्शनी देखी, बल्कि महिलाओं की गतिविधियों में स्वयं भाग लेकर उन्हें प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने एक स्टॉल पर जाकर महिलाओं के साथ पारंपरिक तरीके से मट्ठा बनाने की प्रक्रिया में भाग लिया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक खाद्य पदार्थ हमारी संस्कृति और स्वास्थ्य दोनों से जुड़े हैं, इन्हें आधुनिक रूप में बाजार से जोड़ना समय की मांग है।

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इलेक्ट्रिक कार्यों में संलग्न महिलाओं के स्टॉल पर पहुँचकर मुख्यमंत्री ने महिलाओं के साथ दीपावली की लाइटों की सोल्डरिंग करते हुए “वोकल फॉर लोकल” के मंत्र को साकार रूप दिया। उन्होंने कहा कि “महिलाएँ अब केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि उत्पादक और उद्यमी बन रही हैं, यही आत्मनिर्भर भारत की असली तस्वीर है।” मुख्यमंत्री ने दीपावली पर महिलाओं द्वारा निर्मित अधिक से अधिक उत्पाद खरीदने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कृषि आधारित गतिविधियों की सराहना करते हुए महिलाओं के साथ ओखल में धान कूटने की प्रक्रिया में भी सहयोग किया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक कृषि पद्धतियाँ और हस्तनिर्मित खाद्य पदार्थ आज स्वास्थ्य, पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़ रहे हैं। उन्होंने इस दिशा में महिलाओं के योगदान को प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया।

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मुख्यमंत्री ने लाभार्थी महिलाओं को महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित ‘महालक्ष्मी किट’ का वितरण किया। इसके पश्चात् उन्होंने बच्चों को अपने हाथों से बाल भोग खिलाया और उनसे आत्मीय बातचीत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि “हर बच्चा स्वस्थ और शिक्षित हो, यही सशक्त समाज की पहली शर्त है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिला समूहों को सामूहिक उद्यमों, उत्पाद निर्माण, परिवहन सेवाओं और हस्तशिल्प क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के लिए हर संभव वित्तीय, तकनीकी और विपणन सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि “महिलाओं के सशक्तिकरण से ही राज्य सशक्त होगा। जब बहनें आत्मनिर्भर होंगी, तभी उत्तराखण्ड आत्मनिर्भर बनेगा।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘नारी तू नारायणी’ मंत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मातृशक्ति के कल्याण हेतु निरंतर कार्यरत हैं। उज्ज्वला, जन धन, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास, बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ तथा नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसी योजनाओं से महिलाओं को सशक्त बनाया गया है।

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उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 70 हजार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 5 लाख से अधिक महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ी हैं, जिनमें 1.65 लाख ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं के लिए सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण लागू कर चुकी है तथा समान नागरिक संहिता लागू कर महिलाओं के अधिकारों की रक्षा का ऐतिहासिक कार्य किया गया है।