उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने देहरादून में अपने आवास पर दिल्ली और एनसीआर के चिन्हिकरण से वंचित राज्य निर्माण आंदोलनकारी की आवाज बुलंद करने के लिए 1 घंटे का उपवास किया।
चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक और राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के पूर्व अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने जानकारी देते हुए बताया कि हरीश रावत ने इस मौके पर दिल्ली और एनसीआर के राज्य निर्माण आंदोलनकारी के चिन्हिकरण की तरफ पिछले 8 सालों में राज्य सरकार द्वारा ध्यान न दिए जाने पर रोष व्यक्त किया उन्होंने कहा कि इन तमाम राज्य आंदोलनकारियों को निश्चित ही पेंशन मिलनी चाहिए । जिनका की उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान था। उन्होंने कहा कि यदि दिल्ली और आसपास के लोग राज्य आंदोलन में योगदान ना करते तो इसकी सफलता संदिग्ध थी। 

इस मौके पर उनके साथ उत्तराखंड कांग्रेस के महामंत्री और पूर्व राज्य मंत्री मनीष नागपाल भी मौजूद थे । इस बीच धीरेंद्र प्रताप ने मुख्यमंत्री से आगामी 6 नवंबर को दिल्ली में उत्तराखंड निवास के उद्घाटन के अवसर पर तमाम दिल्ली और आसपास के वंचित राज्य निर्माण आंदोलनकारी को चिन्हिकरण के प्रमाण पत्र वितरित किए जाने की मांग उठाई है।

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