21 April 2026

Pahad Ka Pathar

Hindi News, हिंदी समाचार, Breaking News, Latest Khabar, Samachar

नहीं रहे पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह

नहीं रहे पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह

पूर्व प्रधानमंत्री और दिग्गज अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह का निधन हो गया। गुरुवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें एम्स दिल्ली ले जाया गया। जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। मनमोहन सिंह बेहद सरल, सहज और विद्वान राजनेता थे। मनमोहन सिंह 2 बार देश के प्रधानमंत्री रहे। उनके कार्यकाल में देश ने कई ऊंचाईयों को छुआ। मनमोहन सिंह के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी समेत तमाम बड़े नेताओं ने शोक जताया है।

पीसीसी चीफ करन माहरा ने जताया दुख

उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने निधन पर गहरा शोक जताया। माहरा ने कहा कि भारत में आर्थिक सुधारों के सूत्रधार, अद्वितीय अर्थशास्त्री, और अपने नेतृत्व से देश को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन का समाचार हृदय को व्यथित कर गया। उनका जाना न केवल राजनीति बल्कि सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र के लिए भी एक गहरी क्षति है, जिसे भर पाना असंभव-सा प्रतीत होता है।

See also  पिथौरागढ़ में जनसुनवाई, विधायक मयूख महर ने पानी और महिला अस्पताल में लिफ्ट का मुद्दा उठाया

ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक-संतप्त परिवारजनों तथा समर्थकों को यह अपार दुःख सहने की शक्ति दें।

परिजनों को भी लगा गहरा झटका

डॉ. मनमोहन सिंह का देहरादून से गहरा आत्मिक लगाव था। वे अपने सगे ताऊजी स्व. गोपाल सिंह कोहली के देहरादून स्थित रेस कोर्स निवास पर अक्सर लंबे प्रवास के लिए आया करते थे। उनके चचेरे भाइयों, स्व. हरभजन सिंह कोहली और अमरजीत सिंह कोहली, से उनका विशेष स्नेह और जुड़ाव था।

इसके अलावा जॉली ग्रांट हिमालयन इंस्टीट्यूट के संस्थापक स्वामी राम जी से उनके व्यक्तिगत संबंध थे। देहरादून आने पर वे अक्सर स्वामी राम जी से विशेष रूप से मुलाकात किया करते थे।

See also  कर्णप्रयाग में भू-धंसाव से पीड़ित लोगों की प्रशासन ने सुनीं समस्या

अमरजीत सिंह कोहली ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन का समाचार हमारे पूरे परिवार को गहरे शोक में डाल गया है। उनका निधन न केवल समाज के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए भी एक अपूरणीय क्षति है।