हर सोमवार को आयोजित होने वाले जनसुनवाई दिवस की अध्यक्षता पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने की। । जनसुनवाई के दौरान पेयजल, सड़क, वन, विद्युत, आर्थिक सहायता, विस्थापन, संपर्क मार्ग, कुटीर उद्योग एवं अन्य जनसमस्याओं से संबंधित प्रकरण प्राप्त हुए। जिलाधिकारी ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान विधायक मयूख सिंह महर ने पिथौरागढ़ विधानसभा क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु दो पानी के टैंकर तथा महिला चिकित्सालय में लिफ्ट स्थापना के लिए विधायक निधि से स्वीकृत धनराशि के उपयोग का मामला उठाया। विधायक ने कहा कि दो पानी के टैंकरों हेतु लगभग 40 लाख रुपये तथा महिला चिकित्सालय में लिफ्ट स्थापना हेतु लगभग 40 लाख रुपये की धनराशि पूर्व में स्वीकृत की जा चुकी है। संबंधित पत्र भी मुख्य विकास अधिकारी को भेजा जा चुका है।


उन्होंने कहा कि जनहित के दृष्टिगत दोनों कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराया जाए, ताकि आम जनता को इसका लाभ मिल सके। विधायक ने यह भी कहा कि सरकार समय-समय पर जनहित के कार्यों के लिए नियमों में शिथिलता प्रदान करती रही है और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से प्रकरण का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।
जनसुनवाई में ग्राम पंचायत दोबांस निवासी ने सिमलखेत पेयजल योजना का मामला उठाया गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि योजना का निर्माण कार्य अब तक पूर्ण रूप से संचालित नहीं हो पाया है तथा ग्रामीणों को नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं मिल रही है। क्षेत्रवासी वर्तमान में लगभग 35 वर्ष पुरानी जर्जर पेयजल लाइन पर निर्भर हैं। नई पाइपलाइन का कार्य बीच में ही अधूरा छोड़ दिया गया है और लगभग एक किलोमीटर पहले ही पाइपलाइन अधूरी पड़ी हुई है। इसके बावजूद विभागीय स्तर पर योजना को पूर्ण मानते हुए ग्राम पंचायत को हस्तांतरित कर दिया गया है।
शिकायत में यह भी बताया गया कि 31 दिसंबर 2024 के बाद भी कुछ लाभार्थियों से पेयजल बिल लिया गया, जबकि नियमित रूप से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। वर्तमान में ग्रामीण स्वयं पुरानी योजना का संचालन एवं रखरखाव कर रहे हैं।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सिमलखेत पेयजल योजना की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा क्षेत्रवासियों को शीघ्र पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान तहसील बंगापानी अंतर्गत आपदा प्रभावित विस्थापित परिवारों की समस्याओं से संबंधित एक प्रकरण भी प्राप्त हुआ। शिकायत में ग्राम पंचायत सिरतोला के तोक सेरागाड़, ग्राम पंचायत सीलिंग के तोक उमड़गाड़ा तथा ग्राम पंचायत टांगा के तोक लोदीगाड़ एवं टोक टांगा के विस्थापित परिवारों के लिए संपर्क मार्ग एवं पेयजल व्यवस्था न होने की समस्या उठाई गई।
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि विस्थापन के चार से पांच वर्ष बाद भी इन परिवारों को मुख्य मार्ग से जोड़ने हेतु संपर्क मार्ग तथा पेयजल की समुचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे प्रभावित परिवारों को दैनिक जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को शीघ्र जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा संपर्क मार्ग एवं पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में ग्राम सुवाकोट (वडडा) विण की जय लटेश्वर बाबा स्वायत्त सहकारिता समिति द्वारा कुटीर उद्योग संचालन हेतु भवन उपलब्ध कराए जाने संबंधी प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। समिति ने अवगत कराया कि उद्योग विभाग का एक भवन क्षेत्र में रिक्त पड़ा है, जिसका उपयोग नहीं हो रहा है। समिति उक्त भवन को नियमानुसार लीज पर लेकर कुटीर उद्योग संचालित करना चाहती है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सके। जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त क्षेत्र पंचायत सदस्य सिलौनी द्वारा मानागांव पेयजल योजना के लंबे समय से बंद पड़े होने का मामला भी उठाया गया। शिकायत में बताया गया कि योजना पूर्व में जल निगम को हस्तांतरित की जा चुकी है, लेकिन अब तक इसकी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी है, जिससे योजना के संचालन एवं रखरखाव में समस्या आ रही है। शिकायतकर्ता ने बताया कि जल निगम से जानकारी लेने पर भी योजना के हस्तांतरण की पुष्टि नहीं हो सकी है, जिसके कारण क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति बाधित हो रही है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना के हस्तांतरण की स्थिति स्पष्ट करते हुए आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराए जाएं तथा क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को शीघ्र सुचारु किया जाए।
बैठक में उपजिलाधिकारी सदर जितेन्द्र वर्मा,जिला विकास अधिकारी रमा गोस्वामी, सीएमओ डा0 एस एस नबियाल समेत विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि आदि उपस्थित रहे।

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