23 June 2026

Pahad Ka Pathar

Hindi News, हिंदी समाचार, Breaking News, Latest Khabar, Samachar

महिला सुरक्षा पर गरिमा दसौनी के गंभीर सवाल

महिला सुरक्षा पर गरिमा दसौनी के गंभीर सवाल

आईएसबीटी देहरादून में 13 अगस्त को हुई क्रूरता, नाबालिग किशोरी के साथ पांच लोगों के द्वारा गैंग रेप झकझोर देने वाली घटना है, यह कहना है उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी का।दसौनी ने कहा कि कोलकाता, बिहार, उत्तराखंड और यूपी में महिलाओं के साथ हुई क्रूरताओं ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। इस समय देश भर की महिलाएं दुख और गुस्से में हैं। गरिमा ने कहा ये घटनाएं व्यथित और विचलित करने वाली हैं।

जब भी ऐसी घटनाएं होती हैं तो देश की महिलाएं देखती हैं कि सरकारें क्या कर रही हैं? उनकी बातों और उपायों में कितनी गंभीरता है? जहां भी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश देने की जरूरत हुई, वहां आरोपियों को बचाने की कोशिशें की जाती है। गरिमा ने कहा कि कितनी विडंबना की बात है की महिला अपराध में संलिप्त आरोपियों को या तो बढ़ाने की कोशिश की जाती है या इन विभत्स घटनाओं को दबाने की कोशिश की जाती है, यदि ऐसा ना हुआ होता तो तेरा अगस्त को हुई घटना का आज 18 अगस्त को खुलासा होना हमारे सभ्य समाज का आईना है। दसोनी ने कहा कि अभी प्रदेश उधम सिंह नगर के रुद्रपुर में हुई महिला नर्स के साथ बलात्कार और हत्या के जख्म से उबर भी नहीं पाया था की आईएसबीटी में हुए दुष्कर्म ने रोंगटे खड़े कर दिए हैं। महिलाओं पर जघन्य अत्याचार के मामलों में बार-बार नरमी बरतना, विकृत मानसिकता के आरोपी को राजनीतिक संरक्षण देना और सजायाफ्ता कैदियों को जमानत/पैरोल देने जैसी हरकतें महिलाओं को हतोत्साहित करती हैं।

See also  राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर कांग्रेस ने खोला मोर्चा, राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने की बड़ी मांग, बीजेपी की नीयत पर उठाए सवाल

महिला अपराध में लगातार इजाफा- गरिमा

गरिमा ने कहा की इससे देश की महिलाओं का मनोबल टूटता है, ऐसे अपराधियों की कोई माफी नहीं होनी चाहिए और उन्हें इतनी सख्त सजा देनी चाहिए जिससे भविष्य में ऐसा करने की सोचने पर भी इंसान की रूह कांप जाए । गरिमा ने कहा की देश में जब सरकारी आंकड़ों में हर दिन 86 रेप हो रहे हों, महिलाएं सुरक्षा की आशा किससे करें? गरिमा ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की महिला नेत्रियों का आह्वाहन करते हुए कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की तरह इस वक्त भी यदि चुप्पी साधी तो घर में अपनी बच्चियों का सामना कैसे करेंगी?

See also  सचिवालय समिति की बैठक में अहम मुद्दों पर चर्चा

दसौनी ने कहा कि ऐसे में सिर्फ वह पंक्तियां याद आती हैं,

सुनो द्रोपदी शस्त्र उठा लो, अब गोविंद ना आएंगे

कैसी रक्षा मांग रही हो दुशासन दरबारों से

स्वयं जो लज्जा हीन पड़े हैं

वे क्या लाज बचाएंगे

सुनो द्रोपदी शस्त्र उठा लो अब गोविंद ना आएंगे

कल तक केवल अंधा राजा, अब गूंगा-बहरा भी है

होंठ सिल दिए हैं जनता के, कानों पर पहरा भी है

तुम ही कहो ये अश्रु तुम्हारे,

किसको क्या समझाएंगे?

सुनो द्रोपदी शस्त्र उठालो, अब गोविंद ना आएंगे….

 

See also  प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ी और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ को लेकर कांग्रेस ने जताई नाराजगी, सरकार पर साधा निशाना
Ad 2