15 April 2026

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गणेश गोदियाल और भावना पांडे विवाद में हरीश रावत की एंट्री

गणेश गोदियाल और भावना पांडे विवाद में हरीश रावत की एंट्री

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भावना पांडे की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को लेकर अब चुप्पी तोड़ी है। हरीश रावत ने लंबी चौड़ी पोस्ट लिखकर सफाई दी है। हरीश रावत ने कहा कि  लगभग 79 वर्ष से निरंतर काम में लगा हुआ कार्यकर्ता हरीश रावत ने 15 दिन का अर्जित अवकाश क्या ले लिया, कई साथियों को बहुत नाराज़गी हो गई।

कई गोले, हथगोले, मिसाइलें मुझको लक्ष्य कर दागी गईं, और एक मिसाइल जो सबसे ज़्यादा मुझे hit कर रही है, चोट पहुँचा रही है और मेरी party को भी चोट पहुँचा रही है।

वो है हमारे प्रदेश #Congress_अध्यक्ष को लेकर  भावना_पांडे द्वारा कही गई कुछ बातों से मुझे जोड़ना।  गणेश_गोदियाल को लेकर मेरी क्या भावनात्मक सोच है, उससे गणेश जी भलीभांति अवगत हैं।

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हमारी सरकार को 2016 में विपरीत परिस्थितियों में बचाने और राज्य में लोकतंत्र की रक्षा करने में जिन साथी सहयोगियों ने महती भूमिका अदा की, उनमें से गोदियाल अन्य के साथ अग्रिम पंक्ति में खड़े थे। मैं उपकार का मूल्य समझता हूं और उसके साथ-साथ मैं इस तथ्य से भी अवगत हूं कि मैं जल्दी 80 वर्ष का हो जाऊँगा। गणेश गोदियाल मेरी पार्टी व मेरे राज्य के भविष्य के रूप में हम जिन लोगों को देखते हैं, उनमें से एक हैं और बहुत चमकदार और समझदार हैं। भावना से मेरा इतना ही रिश्ता है, जो एक संघर्षशील उत्तराखंडी महिला के प्रति रिश्ता होना चाहिए। मैं भावना को उस समय से जानता हूं जब वो संघर्ष कर हल्द्वानी M.B. Degree कॉलेज में छात्रसंघ के लिए चुनी गईं। एक सामान्य संघर्षशील परिवार की बेटी ने संघर्ष कर अपने को भी स्थापित किया और अपने पूरे कुटुंब-कबीले को भी स्थापित किया। लालकुआं से चुनाव लड़ते वक्त वो मेरी मदद के लिए आगे आईं, मैं उपकृत हूं, मगर उसके बाद मेरा उनसे कोई राजनीतिक संबंध नहीं रहा है।

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इधर वो दो-एक बार मुझसे मिलीं। मैंने उन्हें इन झंझटों में न फँसने और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपने को स्थापित करने की सलाह दी। मैंने उन्हें कहा—आप गरीबों की मदद में माता मंगला जी का अनुसरण करें। उन्होंने मेरी सलाह का सम्मान किया या नहीं किया, ये उन पर निर्भर है। वो मेरे लिए किन शब्दों का उपयोग कर रही हैं, कब तक मेरे प्रति आदर बनाए रखेंगी, ये उनकी सोच और समझ पर निर्भर करता है।

गोदियाल के विषय में कही गई बातों से मुझको जोड़ने वाले लोग मुझे तो दुख पहुंचा ही रहे हैं, व गोदियाल और पार्टी का भी नुकसान कर रहे हैं।

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बाक़ी जाकी जैसी रही समझदारी !!