18 February 2026

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करन की केदार पैदल यात्रा तय

करन की केदार पैदल यात्रा तय

उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष करन माहरा की जय गंगे जय केदार यात्रा का शेड्यूल और मुद्दे तय हो गए हैं। केदारनाथ धाम को लेकर चल रहे सियासी घमासान के बीच करन माहरा हरिद्वार से केदारनाथ तक पदयात्रा करेंगे। यात्रा 24 जुलाई से शुरू होगी। इसे लेकर पीसीसी चीफ ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को खुली चिट्ठी लिखी है। जिसमें उन्होंने यात्रा को लेकर पूरी जानकारी दी है।

उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष कांग्रेस करन माहरा की चिट्ठी

साथियों जैसा कि आप विदित ही हैं कि उत्तराखण्ड राज्य की भाजपा सरकार की ओर से विश्व सनातन धर्म की आस्था के केन्द्र श्री केदारनाथ ज्योर्तिलिंग के साथ छेड़-छाड़ करते हुए नई दिल्ली में केदारनाथ शिला लेजाकर सदियों पुरानी वैदिक एवं सनातनी परम्पराओं को तोड़ते हुए मन्दिर के नाम पर मुख्यमंत्री की उपस्थिति में ज्योर्तिलिंग की स्थापना कर समस्त हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड करने का काम किया है, जिसका विरोध स्वयं ज्योतिष्पीठ के श्री शंकराचार्य जी ने भी किया है। भारतीय जनता पार्टी सरकार के इस कृत्य को सनातन धर्म में आस्था रखने वाला कोई भी हिन्दू बर्दास्त नहीं करेगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा राज्य की भाजपा सरकार के निम्न कृत्यों के खिलाफ दिनांक 24 जुलाई, 2024 से हरकी पैडी हरिद्वार से श्री केदारनाथ तक पद यात्रा (श्री केदारनाथ प्रतिष्ठा रक्षा यात्रा) का निर्णय लिया है:-

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यात्रा के अहम और बड़े मुद्दे

1. हिन्दू शास्त्रों में पंच केदार का उल्लेख है फिर छठे केदार का कोई औचित्य नहीं है। भाजपा सरकार की सहमति एवं मुख्यमंत्री की उपस्थिति में दिल्ली के जिस ट्रस्ट द्वारा मंदिर निर्माण किया जा रहा है क्या उसका एकाउंट श्रीबद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के नाम है?।

2. भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं देश के प्रधामंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा श्रीकेदारनाथ ज्योर्तिलिंग की सदियों पुरानी परम्पराओं को धता बताते हुए गर्भगृह में फोटो खिंचवाकर परम्परागत नियमों का उलंघन किया गया।

3. श्रीकेदारनाथ मन्दिर से 223 किलो सोने की चोरी की अभी तक जांच नहीं हुई, इसके विपरीत श्रीबद्रीनाथ-केदारनाथ मन्दिर समिति के अध्यक्ष द्वारा बयानबाजी की जा रही है कि सोना था ही नहीं, जबकि स्वयं मन्दिर समिति के अध्यक्ष द्वारा कुछ ही समय पूर्व 223 किलो सोने की सुरक्षा की मांग की गई थी जिसके साक्ष्य भी उपलब्ध हैं तथा समाचार पत्रों में भी इसका प्रचार-प्रसार किया गया है।

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4. भाजपा सरकार द्वारा कृष्णा माई गुफा का नाम भी परिवर्तित कर मोदी गुफा किया जा चुका है जबकि कृष्णा माई द्वारा इस गुफा में बरसों तपस्या की गई थी जिसके चलते इस गुफा का नाम सदियों पूर्व कृष्णा माई गुफा पड़ा था। भाजपा सरकार द्वारा इस गुफा के दर्शन हेतु रू0 1100/- फीस भी रखी जा रही है। आप सभी साथियों से आग्रह है कि श्री केदारनाथ प्रतिष्ठा रक्षा यात्रा में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का कष्ट करेंगे।