जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी आशीष कुमार भटगांई की अध्यक्षता में आज आयोजित बैठक में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) 2026 कार्यक्रम की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में निर्वाचन विभाग से जुड़े अधिकारियों को आयोग के निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने तथा समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार उत्तराखंड सहित चयनित राज्यों में 01 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण किया जाएगा। इसके तहत घर-घर सत्यापन, मतदान केंद्रों का युक्तिकरण, दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण तथा अंतिम निर्वाचक नामावली का प्रकाशन किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 29 मई से 07 जून 2026 तक प्रशिक्षण एवं मुद्रण कार्य संपादित किया जाएगा। 08 जून से 07 जुलाई 2026 तक बीएलओ द्वारा घर-घर सत्यापन किया जाएगा तथा इसी अवधि तक मतदान केंद्रों का युक्तिकरण भी पूर्ण किया जाएगा। 14 जुलाई 2026 को प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन किया जाएगा। 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी तथा 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक उनका निस्तारण किया जाएगा। अंतिम निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को किया जाएगा।
बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद के चारों विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ एप के माध्यम से निर्वाचक नामावली के सत्यापन का कार्य तेजी से किया जा रहा है। 25 मई 2026 तक जनपद के कुल 3,68,933 मतदाताओं में से 3,46,404 मतदाताओं का सत्यापन पूर्ण कर लिया गया है, जो कुल लक्ष्य का 93.89 प्रतिशत है।
विधानसभा क्षेत्रवार प्रगति में धारचूला में 94 प्रतिशत, डीडीहाट में 96.97 प्रतिशत, पिथौरागढ़ में 92.14 प्रतिशत तथा गंगोलीहाट (अ.जा.) में 93.02 प्रतिशत सत्यापन कार्य पूर्ण किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं बीएलओ को शेष कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करने तथा निर्वाचक नामावली को त्रुटिरहित एवं अद्यतन बनाने के लिए पूरी गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने में शुद्ध एवं अद्यतन मतदाता सूची की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए पुनरीक्षण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों द्वारा बताया गया कि जनपद के 611 मतदेय स्थलों के सापेक्ष भारतीय जनता पार्टी द्वारा सभी 611 स्थलों पर बीएलए नियुक्त किए गए हैं। कांग्रेस द्वारा 410 तथा बहुजन समाज पार्टी द्वारा 2 बीएलए नियुक्त किए गए हैं। धारचूला विधानसभा क्षेत्र के 160 मतदेय स्थलों पर भाजपा द्वारा 160 एवं कांग्रेस द्वारा 151 बीएलए नियुक्त किए गए हैं। डीडीहाट विधानसभा क्षेत्र के 144 मतदेय स्थलों पर भाजपा द्वारा 144 तथा कांग्रेस द्वारा 98 बीएलए तैनात किए गए हैं। पिथौरागढ़ विधानसभा क्षेत्र के 151 मतदेय स्थलों पर भाजपा द्वारा 151, कांग्रेस द्वारा 36 एवं बसपा द्वारा 2 बीएलए नियुक्त किए गए हैं। गंगोलीहाट (अजा.) विधानसभा क्षेत्र के 156 मतदेय स्थलों पर भाजपा द्वारा 156 तथा कांग्रेस द्वारा 125 बीएलए नियुक्त किए गए हैं।
बैठक में बताया गया कि विधानसभा निर्वाचन नामावलियों के गहन पुनरीक्षण (SIR) का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम निर्वाचन नामावली में सम्मिलित करना तथा अपात्र, मृत, स्थानांतरित एवं डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाकर निर्वाचन नामावली को शुद्ध एवं विश्वसनीय बनाना है। 08 जून से 07 जुलाई 2026 तक बीएलओ द्वारा घर-घर भ्रमण कर एन्यूमरेशन फॉर्म का वितरण एवं संग्रह किया जाएगा। बीएलओ मतदाताओं को फॉर्म भरने में सहायता भी प्रदान करेंगे। इस चरण में मतदाताओं से कोई दस्तावेज एकत्र नहीं किया जाएगा और केवल सत्यापन व सूचीकरण का कार्य किया जाएगा। यदि कोई मतदाता एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं करता है तो बीएलओ स्थानीय पूछताछ के आधार पर अनुपस्थिति, स्थानांतरण अथवा मृत्यु जैसे संभावित कारण दर्ज करेंगे। ऐसे मतदाताओं की सूची पंचायत भवन, नगरीय निकाय कार्यालयों तथा सीईओ एवं डीईओ की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि आधार कार्ड केवल पहचान प्रमाण के रूप में मान्य होगा, नागरिकता प्रमाण के रूप में नहीं। आधार संख्या उपलब्ध कराना पूर्णतः वैकल्पिक रहेगा। निर्वाचन नामावलियों के गहन पुनरीक्षण कार्य को सफल बनाने के लिए प्रत्येक मतदेय स्थल पर नियुक्त बीएलओ के सहयोगार्थ राजनीतिक दलों द्वारा बीएलए-2 की तैनाती आवश्यक बताई गई। साथ ही यह भी अवगत कराया गया कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है अथवा किसी कारणवश हट गया है तो वह प्रारूप-6 का घोषणा पत्र भरकर अपना नाम पुनः दर्ज करा सकता है। प्रारूप नामावली के प्रकाशन के उपरांत प्राप्त सभी दावे एवं आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा और पात्र मतदाताओं के नाम अंतिम निर्वाचक नामावली में सम्मिलित किए जाएंगे। बैठक में बताया गया कि पुनरीक्षण अभियान के दौरान ईआरओ, एईआरओ, बीएलओ, बीएलओ सुपरवाइजर तथा राजनीतिक दलों के क्षेत्रीय पदाधिकारी एवं बीएलए-2 के माध्यम से मतदाताओं को SIR कार्यक्रम के प्रति जागरूक किया जाएगा तथा बीएलओ को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। जनपद स्तर तथा निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी स्तर पर प्रत्येक सप्ताह राजनीतिक दलों के साथ बैठक आयोजित कर SIR कार्यक्रम की प्रगति एवं गतिविधियों की जानकारी साझा की जाएगी। मतदाताओं की सुविधा के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी तथा निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी स्तर पर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। जनपद स्तरीय हेल्प डेस्क के लिए टोल फ्री नंबर 1950 तथा दूरभाष संख्या 05964-225236 जारी की गई है, जिनका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। बैठक में एडीएम योगेन्द्र सिंह, उपजिलाधिकारी सदर जितेन्द्र वर्मा, मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि जिनमें सुरेश चन्द्र जोशी बीजेपी, निषीद उप्रेती कांग्रेस व निर्वाचन विभाग के अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

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