10 August 2026

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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर डोईवाला में कार्यक्रम, दीप्ति रावत ने नारी शक्ति को बताया सबसे बड़ी ताकत

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर डोईवाला में कार्यक्रम, दीप्ति रावत ने नारी शक्ति को बताया सबसे बड़ी ताकत

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर डोईवाला विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने नारी शक्ति के महत्व और योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज का दिन केवल एक तिथि नहीं है, बल्कि उस शक्ति को नमन करने का दिन है जिसने इस संसार को जन्म दिया, जिसने हमें चलना सिखाया और हर कठिन समय में हमारा संबल बनकर खड़ी रही। उन्होंने कहा कि यदि इस दुनिया में कोई सबसे बड़ी शक्ति है तो वह नारी शक्ति है।

दीप्ति रावत भारद्वाज ने कहा कि एक बेटी के रूप में वह घर में खुशियाँ लाती है, बहन बनकर स्नेह का रिश्ता निभाती है, पत्नी बनकर जीवन के संघर्षों में साथ देती है और माँ बनकर पूरे संसार को प्रेम और संस्कार देना सिखाती है।

उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब-जब देश को शक्ति और नेतृत्व की आवश्यकता पड़ी है, तब-तब महिलाओं ने आगे बढ़कर समाज और राष्ट्र को दिशा दी है। चाहे रानी लक्ष्मीबाई का साहस हो, सरोजिनी नायडू की प्रेरणादायी आवाज़ हो या आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ती हमारी बेटियाँ नारी ने हमेशा यह सिद्ध किया है कि वह केवल घर की धुरी नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र की शक्ति है।

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उन्होंने कहा कि केवल एक दिन “महिला दिवस” मना लेने से नारी का सम्मान पूरा नहीं हो जाता। सच्चा सम्मान तब होगा जब हर बेटी को शिक्षा मिले, हर बहन को सुरक्षा मिले, हर माँ को सम्मान मिले और हर महिला को आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हों।

दीप्ति रावत भारद्वाज ने मातृत्व की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि माँ सृष्टि को बढ़ाने वाली और उसकी रक्षा करने वाली शक्ति का नाम है। माँ को धरती पर ईश्वर का साक्षात रूप माना गया है, क्योंकि वही जीवन को जन्म देती है और बच्चों को संस्कार व जीवन के मूल्यों से परिचित कराती है।

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उन्होंने कहा कि माँ ही बच्चे की पहली गुरु होती है और उसके द्वारा दिए गए संस्कार ही समाज और राष्ट्र के भविष्य को दिशा देते हैं। बदलते समय में तकनीक और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच यह आवश्यक है कि मातृत्व की मूल भावना और बच्चों की परवरिश के महत्व को हमेशा प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ना, अपने सपनों को पूरा करना और अपना करियर बनाना अच्छी बात है, लेकिन सफलता की दौड़ में परिवार, रिश्तों और संस्कारों को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए। सच्ची सफलता वही है जिसमें व्यक्ति अपने सपनों को पूरा करते हुए अपने परिवार और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का भी निर्वहन करे।

उन्होंने सभी से यह संकल्प लेने का आह्वान किया कि समाज में ऐसा वातावरण बनाया जाए जहाँ बेटी के जन्म पर प्रश्न नहीं बल्कि गर्व का भाव हो। उन्होंने कहा कि जिस समाज में नारी का सम्मान होता है, वहीं वास्तव में देवत्व और संस्कारों का वास होता है।

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कार्यक्रम के अंत में भाजपा प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने सभी को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए माताओं, बहनों और बेटियों के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना को अपने व्यवहार में उतारने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में राज्यमंत्री विनोद उनियाल, अन्नपूर्णा, ईश्वर चन्द्र अग्रवाल,राजकिशोर जैन, नरेंद्र गोयल, रोशनलाल अग्रवाल , डॉ० राखी पंचोला, महेश चंद गुप्ता, चन्द्रकला ध्यानी , नगीना रानी, ममता नयाल, रश्मि चौधरी तथा भारी जनमानस मौजूद थे ।