15 October 2026

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रेखा आर्य ने कांग्रेस पर लगाया महिला सुरक्षा को लेकर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप

रेखा आर्य ने कांग्रेस पर लगाया महिला सुरक्षा को लेकर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अंकिता को न्याय दिलाना पूरे उत्तराखंड की भावनाओं और बेटियों के सम्मान से जुड़ा विषय है। इस संवेदनशील मामले को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस दिल्ली और देहरादून में धरना देकर सुर्खियां बटोरने के बजाय यह स्पष्ट करे कि उसका उद्देश्य अंकिता के परिवार को न्याय दिलाना है या उत्तराखंड में अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन तलाशना। बेटी के नाम पर राजनीति करना आसान है, लेकिन न्याय के लिए ठोस तथ्यों, साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के साथ खड़ा होना पड़ता है। रेखा आर्या ने कहा कि महिला सम्मान और सुरक्षा की बात करने वाली कांग्रेस को पहले अपने आचरण पर भी जवाब देना चाहिए। जब कांग्रेस के सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर जेएनयू की छात्राओं द्वारा यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए जाने की खबरें सामने आईं और इस मामले में जांच तथा पुलिस कार्रवाई की बात सामने आई, तब राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की आवाज कहां थी?रेखा आर्य ने कांग्रेस पर लगाया महिला सुरक्षा को लेकर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप राहुल गांधी महिलाओं के अधिकारों और पितृसत्ता के खिलाफ बोलते हैं, वहीं प्रियंका गांधी वाड्रा का नारा ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ भी महिला सशक्तीकरण की बात करता है। ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व को बताना चाहिए कि अपनी ही पार्टी के सांसद पर लगे गंभीर आरोपों के मामले में उसकी जवाबदेही क्या है। महिला सम्मान का पैमाना राजनीतिक सुविधा के अनुसार नहीं बदलना चाहिए। इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।

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मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि कांग्रेस को अंकिता भंडारी के नाम पर राजनीति करने से पहले यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि वह इस संवेदनशील प्रकरण को न्याय की मांग तक सीमित रखना चाहती है या इसे राजनीतिक विरोध का माध्यम बना रही है। दुष्यंत गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी द्वारा संवैधानिक प्रक्रिया के तहत की गई है। इस नियुक्ति को अंकिता भंडारी प्रकरण से जोड़कर राजनीतिक अभियान चलाना उचित नहीं है। कांग्रेस को ये भी बताना चाहिए कि सामाजिक न्याय और दलित सम्मान की बात करने वाली पार्टी संवैधानिक पदों पर नियुक्तियों के प्रति क्या दृष्टिकोण रखती है। किसी भी व्यक्ति की पहचान और योगदान को केवल राजनीतिक आरोपों के आधार पर नहीं आंका जाना चाहिए।

रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने अंकिता भंडारी प्रकरण में शुरुआत से ही संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की है। घटना सामने आने के बाद 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और महिला डीआईजी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। मामले में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर लगभग 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई, जिसमें 100 से अधिक गवाहों के बयान तथा महत्वपूर्ण वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्य शामिल किए गए। अभियोजन की प्रक्रिया के बाद न्यायालय ने तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।

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उन्होंने कहा कि 19 अगस्त को उत्तराखंड हाईकोर्ट द्वारा तीनों दोषियों की जमानत याचिकाएं खारिज किया जाना मामले की गंभीरता और न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पहलू है। सरकार ने पीड़ित परिवार की भावनाओं और मांगों का सम्मान करते हुए तीन बार सरकारी अधिवक्ता बदले। परिवार की मांग पर सीबीआई जांच की सिफारिश भी की गई। इसके अतिरिक्त परिवार को ₹25 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की गई तथा अंकिता के पिता और भाई को रोजगार उपलब्ध कराया गया, ताकि परिवार को आर्थिक और सामाजिक संबल मिल सके।

मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि राज्य सरकार ने अंकिता की स्मृति को सम्मान देने के लिए डोभ स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज का नाम ‘स्वर्गीय अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज’ रखने की पहल की है। यह कदम अंकिता के नाम और स्मृति को आने वाली पीढ़ियों तक जीवित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण है। अंकिता को न्याय दिलाना केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि उत्तराखंड की बेटियों के सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा संकल्प है।

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उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण में सरकार का रिकॉर्ड गिरफ्तारी, एसआईटी जांच, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई, चार्जशीट, अभियोजन, परिवार की मांगों के प्रति संवेदनशीलता और आर्थिक एवं रोजगार संबंधी सहायता के रूप में सामने है। ऐसे में कांग्रेस को राजनीतिक आरोप लगाने के बजाय तथ्यों और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए। यदि उसके पास कोई ठोस तथ्य या साक्ष्य है, तो उसे राजनीतिक मंचों पर आरोप लगाने के बजाय संबंधित जांच एजेंसी और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए।

रेखा आर्या ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाना राजनीति का विषय नहीं, बल्कि हर संवेदनशील नागरिक की जिम्मेदारी है। कांग्रेस को इस मामले में राजनीतिक लाभ तलाशने के बजाय अपनी कथनी और करनी के अंतर पर जवाब देना चाहिए। न्याय पीड़ित का अधिकार है और कानून का सम्मान सभी की जिम्मेदारी। सरकार अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने तथा उनके परिवार के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखने के अपने संकल्प पर दृढ़ है।