8 September 2026

Pahad Ka Pathar

Hindi News, हिंदी समाचार, Breaking News, Latest Khabar, Samachar

चमोली टनल में बचाव और खोज अभियान पूरा

चमोली टनल में बचाव और खोज अभियान पूरा

चमोली जनपद के हाट-सियासैण, मायापुर (पीपलकोटी) में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त 2026 की शाम पानी का रिसाव एवं भूस्खलन होने से हुए हादसे के बाद जिला प्रशासन की निगरानी में चलाया जा रहा खोज एवं बचाव अभियान सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया। रेस्क्यू टीमों ने टनल में फंसे एवं लापता सभी प्रभावित श्रमिकों को बाहर निकाल लिया है। चमोली टनल में बचाव और खोज अभियान पूरा

घटना के समय टनल में एचसीसी कंपनी द्वारा कार्य किया जा रहा था। पानी के रिसाव एवं भूस्खलन के कारण प्रारंभिक रूप से लगभग 22 कर्मचारियों के टनल में फंसे होने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, डीडीआरएफ, सीआईएसएफ, टीएचडीसी तथा अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया।

See also  धामी ने किया मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना का शुभारंभ

लगभग 117 घंटे से अधिक चले इस चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियान के दौरान टनल से कुल 12 श्रमिकों को सकुशल बाहर निकाला गया, जबकि 10 श्रमिकों की दुःखद मृत्यु हुई। अभियान के पहले दिन 19 श्रमिकों को बाहर निकाला गया, जिनमें 12 घायल श्रमिक तथा 7 मृत श्रमिक शामिल थे। इसके बाद 15 अगस्त को एक तथा रेस्क्यू अभियान के अंतिम दिन 18 अगस्त को दो श्रमिकों के शव बाहर निकाले गए।

रेस्क्यू अभियान के दौरान टनल के भीतर जमा पानी की निकासी, मलबा हटाने और फंसी मशीनरी को बाहर निकालने के साथ ही संभावित स्थानों पर लगातार सघन सर्च अभियान चलाया गया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू टीमों ने आधुनिक उपकरणों एवं उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए लगातार कार्य किया। पानी की निकासी के लिए सक्शन पंप सहित आवश्यक उपकरणों की मदद ली गई, जिससे टनल के अंदरूनी हिस्सों तक रेस्क्यू टीमों की पहुंच सुनिश्चित हो सकी।

See also  गोर्खाली महिला हरितालिका तीज उत्सव में शामिल हुए सीएम धामी

जिलाधिकारी गौरव कुमार द्वारा पूरे रेस्क्यू अभियान की लगातार निगरानी की गई। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों एवं रेस्क्यू एजेंसियों से अभियान की प्रगति की जानकारी लेते हुए सभी टीमों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया। जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता टनल में फंसे एवं लापता श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना थी। इसके लिए रेस्क्यू टीमों ने कठिन परिस्थितियों में दिन-रात लगातार कार्य किया।

अभियान के दौरान बाहर निकाले गए घायल एवं प्रभावित श्रमिकों को तत्काल आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। जिला प्रशासन द्वारा रेस्क्यू किए गए श्रमिकों के स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी लगातार जानकारी ली गई।

See also  माउंट त्रिशूल फतह करने निकली बंगाल इंजीनियर्स की टीम

सभी एजेंसियों ने आपसी समन्वय व तत्परता से कठिन परिस्थितियों में लगातार रेस्क्यू एवं सर्च अभियान चलाया और सभी प्रभावित श्रमिकों को टनल से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।