राज्य स्तरीय राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य एवं अनुश्रवण परिषद, उत्तराखण्ड सरकार के उपाध्यक्ष सुरेश भट्ट ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तराखण्ड के तहत संचालित समस्त कार्यक्रमों की तकनीकी, भौतिक और वित्तीय प्रगति पर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
एनएचएम के सभागार में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों जैसे मातृत्व स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, राष्ट्रीय टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग आदि कार्यक्रमों की वर्तमान स्थिति, उनकी उपलब्धियों और आने वाली चुनौतियों पर समीक्षा की गई।
उन्होंने कहा कि राज्य के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए हमारे सभी प्रयास जारी हैं। हमें इस दिशा में और अधिक समर्पण और सहयोग की आवश्यकता है।
उन्होंने सभी अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य करने और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए सतत प्रयास करने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में कोई भी कमी नहीं आने देगी और सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी।
परिषद के उपाध्यक्ष ने मानसून के दृष्टिगत संबंधित अधिकारियों को जल जनित रोगों की रोकथाम व नियंत्रण पर आदेशित करते हुए कहा कि राज्य में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसे रोगों की रोकथाम हेतु व्यापक अभियान चलाया जाए।

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