17 February 2026

Pahad Ka Pathar

Hindi News, हिंदी समाचार, Breaking News, Latest Khabar, Samachar

सिलक्यारा टनल हादसा, सरकार की पोल खुली- गरिमा दसौनी

सिलक्यारा टनल हादसा, सरकार की पोल खुली- गरिमा दसौनी

उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी सिलक्यारा टनल हादसे को लेकर केंद्र और राज्य सरकार को चौतरफा घेरा। दसौनी ने कहा की सिलक्यारा की घटना ने केंद्र और राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन के दावों की कलई खोल कर रख दी है ।

दसौनी ने कहा कि भाजपा को केंद्र में साढ़े नौ साल और राज्य में 7 साल हो चुके हैं और यह एक लंबी अवधि होती है इस दौरान सत्ता रूढ़ दल के द्वारा नारों और जुमले तो कई दीए गए लेकिन धरातल पर स्थिति क्या है यह सिलक्यारा घटना से आईने की तरह साफ हो गया है।

दसौनी ने कहा कि आखिर सिलक्यारा में कौन से रहस्य छुपे हैं जो सरकार ना तो मजदूरों के परिजनों को मीडिया से मुखातिब होने दे रही है और ना ही अपने अधिकारियों और मंत्रियों को इस पर कोई बयान देने दे रही है। दसौनी ने सवाल किया कि आखिर सरकार क्या छुपाना चाहती है ? दसौनी ने प्रेस वार्ता में नवयुग कंपनी से राज्य सरकार की साठ गांठ का भी आरोप लगाया ।

See also  सीएम धामी ने हरिद्वार में लगाई मुख्य सेवक की चौपाल

दसौनी ने कहा कि जिस नवयुग कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड खराब रहा हो और इसके ऊपर बीते अगस्त में महाराष्ट्र के ठाणे में 20 मजदूरों के मौत का आपराधिक मुकदमा दर्ज हो उस कंपनी को ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेलवे लाइन का 2000 करोड़ से भी ज्यादा का काम किस आधार पर दिया गया है? दसौनी ने कहा कि यहां उत्तराखंड की सरकार सिर्फ मीडिया मैनेज और हैडलाइन मैनेज करने पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं यदि इतना ही ध्यान प्रदेश में चल रहे निर्माण कार्यों पर दिया होता तो आज ये हश्र ना हुआ होता।दसौनी ने कहा कि अंदर फंसे हुए 41 मजदूरों का सब्र अब जवाब दे रहा है, उम्मीद की किरण दिन प्रतिदिन कम होती जा रही है ऐसे में जरूरत थी कि उन मजदूरों की बात किसी मनोवैज्ञानिक से कराई जाती और उन्हें इस मुश्किल घड़ी में कैसे खुद को संभालना है यह बताया जाता परंतु भाजपा में सिर्फ और सिर्फ हैडलाइन लेने की होड़ मची रहती है।

सरकार के मंत्री नदारद- गरिमा

दसौनी ने कहा कि 10 दिन से 41 मजदूर अंदर फंसे हैं प्रभारी मंत्री का आता पता नहीं, पीडब्ल्यूडी मंत्री भी नदारद हैं इससे पता चलता है कि भाजपा गरीब लोगों की जान के लिए कितनी संवेदनहीन है दसौनी ने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि यही 41 लोग यदि अमीर घरानों के और रसूखदार लोग होते तो आज तक तो पूरे देश की राजनीति में जलजला आ चुका होता परंतु क्योंकि यह मजदूर गरीब और मजलूम है इसलिए इनकी जान की सरकार के लिए कोई कीमत नहीं ??

See also  रुद्रप्रयाग में पुलिस चला रही सघन चेकिंग अभियान

दसौनी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री उत्तराखंड आकर बेतुकी बयान बाजी कर उत्तराखंड के जख्मों पर और नमक छिड़कने का काम कर रहे हैं। दसौनी ने कहा कि राज्य सरकार सिलक्यारा टनल को अपनी प्रयोगशाला समझकर हिट एंड ट्रायल कर रही है, जहां इस घटना की जवाब देही और जिम्मेदारी सरकार की होनी चाहिए और कटघरे में भी राज्य सरकार होनी चाहिए वहीं उल्टा भाजपा के लोग विपक्ष को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं ।

सरकार बयानबाजी में बिजी- गरिमा दसौनी

विकास विरोधी और राष्ट्र विरोधी तक का तमगा विपक्ष को पहनाया जा रहा है। दसौनी ने कहा कि विपक्ष विकास विरोधी कतई नहीं है लेकिन उत्तराखंड को विकास लोगों की जान की और अपने पर्यावरण की कीमत पर तो बिल्कुल नहीं चाहिए

See also  मुख्य सचिव ने नई कार्ययोजना के प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए

चुनाव में माइलेज लेने की होड़ में जल्दबाजी में जो ऑल वेदर रोड का काम कराया जा रहा है वह निश्चित रूप से आत्मघाती और विनाशकारी है। दसौनी ने कहा की उत्तराखंड जैसे भौगोलिक विषमताओं वाले राज्यों में निर्माण कार्य करने से पहले हर तरह का सर्वेक्षण कर लेना बहुत जरूरी है। दसोनी ने वार्ता के दौरान यह भी कहा कि भाजपा को यह मुगालता है कि सारे बुद्धिजीवी उन्हीं के दल में है जबकि यह प्रादेशिक चुनौती है और इसे सबको मिलकर सामना करना चाहिए ऐसे में बहुत जरूरी हो जाता है कि राज्य सरकार सर्वदलीय बैठक बुलाए और राज्य के अनुभवी और बुद्धिजीवी लोगों को उस बैठक में आमंत्रित करके इस चुनौती से निपटने का रास्ता खोजे।