उत्तराखंड के नेताओं में स्वर्गीय एच एन बहुगुणा व स्वर्गीय एन डी तिवारी के बाद सबसे लंबे संसदीय अनुभव की धनी थीं डॉक्टर इंदिरा हृदयेश यह बात आज उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में स्वर्गीय डॉक्टर इंदिरा हृदयेश की चौथी पुण्य तिथि पर आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना ने कही। उन्होंने कहा कि डॉक्टर इंदिरा हृदयेश एक लोकप्रिय नेता होने के साथ साथ बहुत ही कुशल प्रशासक थीं व सदन में फ्लोर मैनेजमेंट में उनका कोई सानी नहीं था।
धस्माना ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण के बाद वे पहली अंतरिम विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता रहीं और पहली निर्वाचित सरकार में विधायक बनने के साथ पीडब्लूडी व संसदीय कार्य मंत्री बनीं फिर तीसरी विधानसभा में पुनः वित्तमंत्री बनीं और चौथी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनीं। धस्माना ने कहा कि प्रदेश के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए वे हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनीं रहेंगी।

More Stories
DM चमोली ने चारधाम यात्रा की तैयारी को लेकर कुछ समीक्षा
डीएम पिथौरागढ़ ने लिया निर्माणाधीन पार्किंग का जायजा, तय वक्त पर काम करने के आदेश
रसोई गैस के संकेट को लेकर गणेश गोदियाल ने उठाए सवाल, सरकार से मांगा जवाब