पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दलबदलू नेताओं पर निशाना साधा है। साथ ही कई गंभीर सवाल भी उठाए हैं। हरीश रावत ने कांग्रेस छोड़कर जा रहे करीबियों के कारनामे उजागर करते हुए आरोप लगाए हैं।
साथ ही हरीश रावत ने ये नसीहत भी दी है कि नेताओं ने जहां भी अपना नया राजनीतिक ठिकाना बनाया है वहां ईमानदारी से रहें।
हरीश रावत का बड़ा हमला
अपने करीबी नेताओं के बीजेपी में शामिल होने को लेकर हरीश रावत ने कहा है बिन कहे रहा न जाए, मीडिया कुरेद-कुरेद कर पूछ रहा है कि आपके कई करीबी हैं जिनको सारी नियामतें उनके गले में हार बनाकर डाल दी, वह भी क्यों साथ छोड़ रहे हैं? मैंने कहा हर किसी के नाराजगी के कुछ न कुछ कारण होते हैं।
कुछ लोग इसलिये नाराज हैं, वह मेरे कार्यकाल में एक एसडीएम को एडीएम बनाने की सुपारी ले चुके थे। एक पूज्यनीय इसलिये नाराज हैं, स्वर्ग आश्रम ऋषिकेश की कुछ संपत्तियों को मैंने उनके संगठन के नाम पर करने से इनकार कर दिया, एकाध-दो सज्जन ऐसे भी हैं कि उनको देते-देते अंत में जब मेरे पास भी देने के लिए कुछ नहीं रह गया तो वह बड़े दाताओं के पास पहुंच गए हैं। देखते हैं वहां क्या मिलता है? हमारी शुभकामनाएं हैं यहां से कुछ ज्यादा उनको मिले और जहां गये हैं वहां वफादार रहें।

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