21 February 2026

Pahad Ka Pathar

Hindi News, हिंदी समाचार, Breaking News, Latest Khabar, Samachar

महेंद्र भट्ट के बयान पर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य का पलटवार, कहा सवालों से से भागने वाली सरकार को बेनकाब करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी कांग्रेस

महेंद्र भट्ट के बयान पर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य का पलटवार, कहा सवालों से से भागने वाली सरकार को बेनकाब करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी कांग्रेस

उत्तराखंड के नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने उत्तराखंड बीजेपी अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पर पलटवार किया है ऋ यशपाल आर्य ने कहा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट जी का बयान सुना कि कांग्रेस सत्र में सिर्फ हंगामा करती है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा लोकतंत्र में सबसे आसान काम है विपक्ष पर आरोप लगाना, लेकिन सबसे कठिन काम है जनता के सवालों का सामना करना। जब सरकार प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों पर स्पष्ट जवाब देने से बचती है, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जुड़े लगभग 40 महत्वपूर्ण विभागों के प्रश्नों के लिए सोमवार कभी नियत नहीं होता, तो यह स्वाभाविक है कि विपक्ष अपनी आवाज़ बुलंद करे। इसे “हंगामा” कहना लोकतांत्रिक परंपराओं का अपमान है।

See also  सीएम धामी ने विकास योजनाओं को लेकर मंजूर किया बजट

क्या विधानसभा सत्र केवल सरकारी उपलब्धियों के बखान और पूर्व-लिखित भाषणों के पाठ के लिए बुलाया जाता है?

क्या बेरोज़गारी से जूझते युवा, पलायन से खाली होते गांव, बदहाल स्वास्थ्य सेवाएँ, शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियाँ, बढ़ता भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था के प्रश्न सदन में उठाए नहीं जाएंगे?

विपक्ष का दायित्व है कि वो सरकार से सवाल पूछे, नीतियों पर चर्चा की मांग करे और जनभावनाओं को सदन तक पहुंचाए। कांग्रेस के सभी विधायक साथियों ने नियमों के तहत चर्चा की मांग रखी है और आगे भी रखते रहेंगे। नियम 310 हो या अन्य संसदीय प्रावधान — हम हर लोकतांत्रिक माध्यम का उपयोग करेंगे।

See also  चमोली के डीएम ने आज भी की अहम बैठक

सवाल ये है कि सरकार जवाब क्यों नहीं देना चाहती?

अगर सब कुछ ठीक है तो प्रश्नकाल से परहेज़ क्यों?

अगर विकास ज़मीन पर दिख रहा है तो तथ्यों से परहेज़ क्यों?

लोकतंत्र संवाद से चलता है, एकतरफा घोषणाओं से नहीं। सदन सरकार का मंच नहीं, जनता की आवाज़ का मंच है। विपक्ष की आवाज़ को “हंगामा” कहकर दबाने की कोशिश वास्तव में उन लाखों नागरिकों की आवाज़ को दबाने का प्रयास है, जिनकी समस्याओं को हम उठा रहे हैं।

यशपाल आर्य ने कहा स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि कांग्रेस न तो डरने वाली है और न ही झुकने वाली। जनता के अधिकारों, पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए संघर्ष सदन के भीतर भी होगा और सड़क पर भी। यदि सरकार सत्र को केवल अपनी ढपली–अपना राग अलापने का औपचारिक कार्यक्रम बनाना चाहती है, तो यह याद रखे कि लोकतंत्र में विपक्ष की मजबूती ही संतुलन की गारंटी है। और कांग्रेस यह संतुलन बनाए रखने के लिए हर संवैधानिक लड़ाई लड़ेगी।

See also  पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने देहरादून में किया गोरखा हिमालियन फेस्टिवल का उद्घाटन