23 August 2026

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दुष्यंत गौतम के स्वागत पर गरमाई सियासत, कांग्रेस ने बीजेपी की नीयत पर उठाए सवाल

दुष्यंत गौतम के स्वागत पर गरमाई सियासत, कांग्रेस ने बीजेपी की नीयत पर उठाए सवाल

उत्तराखंड कांग्रेस नेता गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि भाजपा के उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम पर लगे बेहद गंभीर आरोपों के बावजूद जिस तरह से उन्हें भाजपा के कार्यक्रमों और संगठनात्मक बैठकों में शामिल कराया जा रहा है, फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया जा रहा है और वह मुख्य mntri समेत भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ मंच साझा कर रहे हैं, वह पूरे मामले की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है। दुष्यंत गौतम के स्वागत पर गरमाई सियासत, कांग्रेस ने बीजेपी की नीयत पर उठाए सवाल

दसौनी ने कहा कि जब किसी व्यक्ति पर इतने संगीन आरोप लगे हों और उसी मामले में राज्य सरकार द्वारा सीबीआई जांच की संस्तुति की जा चुकी हो, तब नैतिकता की मांग यह होती है कि जांच पूरी होने तक संबंधित व्यक्ति को सार्वजनिक गतिविधियों और पद की जिम्मेदारियों से दूर रखा जाए। लेकिन भाजपा इसके उलट आचरण कर रही है।

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गरिमा ने कहा कि जिस व्यक्ति के खिलाफ इतने गंभीर आरोप सामने आए हों, उसका सार्वजनिक मंचों पर स्वागत होना और सत्ता के शीर्ष नेताओं के साथ बैठकों में भाग लेना यह संकेत देता है कि भाजपा इस पूरे मामले को गंभीरता से लेने के बजाय उसे सामान्य बनाने का प्रयास कर रही है। ऐसे माहौल में यह सवाल स्वाभाविक है कि आखिर सीबीआई जांच की निष्पक्षता की गारंटी कैसे दी जा सकती है।

दसौनी ने कहा कि भाजपा अक्सर नैतिकता, पारदर्शिता और “चाल, चरित्र और चेहरा” की बात करती है, लेकिन व्यवहार में उसके आचरण में इसका कोई प्रतिबिंब दिखाई नहीं देता। यदि भाजपा वास्तव में निष्पक्ष जांच चाहती है तो उसे तत्काल प्रभाव से दुष्यंत gautam को उनके पद से हटाकर जांच पूरी होने तक संगठनात्मक और सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रखना चाहिए।

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उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति इस पूरे घटनाक्रम को बहुत गंभीरता से देख रही है और प्रदेश की जनता भी यह जानना चाहती है कि जब जांच चल रही है, तब ऐसे आरोपों से घिरे व्यक्ति को भाजपा क्यों संरक्षण दे रही है। इस मामले में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि न्याय की प्रक्रिया पर किसी भी प्रकार का संदेह न रहे।

 

 

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