1 October 2026

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अंकिता भंडारी केस को लेकर कांग्रेस हमलावर, सुरेश राठौर की गिरफ्तारी के बाद गरिमा दसौनी ने सरकार को घेरा

अंकिता भंडारी केस को लेकर कांग्रेस हमलावर, सुरेश राठौर की गिरफ्तारी के बाद गरिमा दसौनी ने सरकार को घेरा

उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े मामले में पूर्व विधायक सुरेश राठौर की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कानून को अपना काम करने का पूरा अधिकार है और यदि किसी व्यक्ति द्वारा गलत या भ्रामक तथ्य प्रस्तुत किए गए हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। लेकिन इससे भी बड़ा प्रश्न यह है कि जब राज्य सरकार सीबीआई जांच की संस्तुति दे चुकी है तो फिर कोई और संस्था इतनी सक्रिय क्यों नजर आ रही है? गरिमा ने कहा कि आज पूरा प्रदेश जानना चाहता है कि आखिर सीबीआई जांच कहां तक पहुंची और कौन-कौन से तथ्य सीबीआई के हाथ लगे हैं ?अंकिता भंडारी केस को लेकर कांग्रेस हमलावर, सुरेश राठौर की गिरफ्तारी के बाद गरिमा दसौनी ने सरकार को घेरा

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गरिमा ने कहा कि क्या सरकार इस कार्रवाई के माध्यम से अंकिता भंडारी हत्याकांड के मूल सवालों से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है? गरिमा ने कहा कि कहीं यह मामला करें कोई और भरे कोई वाला तो नहीं है?

कहीं ऐसा तो नहीं कि इस कार्यवाही के पीछे भाजपा असली आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है?

दसौनी ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड की बेटी को न्याय दिलाने का मामला है। इस प्रकरण में जिस तथाकथित “वीआईपी” का उल्लेख लगातार होता रहा, उसकी पहचान आज तक सार्वजनिक नहीं की गई। सरकार और जांच एजेंसियों को स्पष्ट करना चाहिए कि उस पहलू की जांच कहां तक पहुंची और अब तक सच्चाई सामने क्यों नहीं लाई गई।

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उन्होंने कहा कि केवल आरोप लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर देना पर्याप्त नहीं है। जनता यह जानना चाहती है कि इस मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हुई या नहीं। कुछ लोगों पर कार्रवाई कर पूरे प्रकरण को समेटने का प्रयास न्याय के हित में नहीं होगा।

गरिमा मेहरा दसौनी ने मांग की कि अंकिता भंडारी मामले की जांच से जुड़े सभी महत्वपूर्ण तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को बचाने का प्रयास न हो। उत्तराखंड की जनता को गिरफ्तारी से अधिक सच्चाई और जवाब चाहिए।

कांग्रेस का संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के पक्ष या विपक्ष में नहीं, बल्कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और सत्य को सामने लाने के लिए है।

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