उत्तराखंड में विधानसभा सत्र से पहले सरकार का अजीब फरमान आया है। इस आदेश के मुताबिक सत्र के दौरान अफसरों के लिए बिस्तर का इंतजाम सरकारी स्कूल के शिक्षकों को करना होगा। इस सरकारी फरमान पर समाजसेवी इंद्रेश मैखुरी ने जबरदस्त तंज कसा है। मैखुरी ने लिखा है गैरसैंण में बड़े सालों में उत्तराखंड विधानसभा सत्र करने की घोषणा हुई है. बड़ी मुश्किल से सरकार, मंत्री, विधायक और अफसर तीन दिन के लिए,इस पहाड़ी राज्य में पहाड़ चढ़ेंगे ! लेकिन लगता है कि सरकार बहादुर के पहाड़ चढ़ने का बोझ भी सरकारी स्कूल के शिक्षकों के कंधे पर ही आयेगा !
गैरसैंण के खंड शिक्षा अधिकारी ने गैरसैंण क्षेत्र के इंटर कॉलेजों एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल्स और हेड मास्टर्स को चिट्ठी भेज कर आगामी विधानसभा सत्र के लिए विभागीय अफसरों के स्टाफ के लिए बिस्तर का इंतजाम करने को कहा है. अब तक सुना था कि आदमी गिनने से लेकर गाय, भैंस, कुत्ते, बिल्ली गिनने का काम शिक्षकों से लिया जाता है. लेकिन यहां तो बिस्तर जमा करने का काम भी शिक्षकों से लिया जा रहा है.
शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत का बयान किसी अखबार में देख रहा था कि सरकारी स्कूलों को नये सिरे से सजाया जा रहा है. स्कूलों को सजाए जाने का तो पता नहीं मंत्री जी पर सरकारी स्कूलों से बिस्तर जरूर जुटवाया जा रहा है ! ये सरकारी स्कूल और इनके प्रिंसिपल लायेंगे कहां से और किस मद से ये बिस्तर ? क्या शिक्षा विभाग में बिस्तरों की खरीद के लिए भी बजट का इंतजाम है, धन सिंह भाई ?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी इस शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखंड होने का जाप करते रहते हैं. भाई हैंडसम धामी जी शिक्षक गणों से बिस्तरों की पल्लेदारी करवा कर बनेगा उत्तराखंड का दशक !
विधानसभा का सत्र मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायकों, अफसरों का तीन दिन की पहाड़ी पिकनिक होगी और सरकारी स्कूल वालों के लिए बिस्तर जुगाड़ने की मगजमारी !

More Stories
हरि सेवा आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान और यज्ञ में शामिल हुए सीएम धामी
BJP के सभी मोर्चों की बैठक, 2027 चुनाव को लेकर मंथन
भूमि घोटालों को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, उच्चस्तरीय जांच की मांग