6 September 2026

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सीएम धामी ने सरस्वती शिशु मंदिर ताड़ीखेत के बच्चों के साथ किया संवाद

सीएम धामी ने सरस्वती शिशु मंदिर ताड़ीखेत के बच्चों के साथ किया संवाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सरस्वती शिशु मंदिर, ताड़ीखेत में अध्ययनरत स्कूली बच्चों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर विद्यालय के छात्र-छात्राओं में विशेष उत्साह और प्रसन्नता देखने को मिली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों का स्नेहपूर्वक अभिवादन करते हुए कहा कि आप सभी उत्तराखण्ड और देश का भविष्य हैं। सीएम धामी ने सरस्वती शिशु मंदिर ताड़ीखेत के बच्चों के साथ किया संवाद

मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद करते हुए वर्ष 2047 का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण होंगे और तब देश की बागडोर आज के बच्चों के हाथों में होगी। उन्होंने कहा कि “विकसित भारत 2047” केवल एक सरकार का नहीं, बल्कि पूरी पीढ़ी का सामूहिक संकल्प है, जिसकी सिद्धि सभी के साझा प्रयासों से ही संभव है।

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मुख्यमंत्री ने बच्चों को अनुशासन और समय पालन का महत्व समझाते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए समय का सदुपयोग और अनुशासित दिनचर्या अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बच्चों से उनके स्कूल आने-जाने की दिनचर्या पर सहज प्रश्न करते हुए संवाद को रोचक बनाया और मुस्कराते हुए अनुशासन को सफलता की कुंजी बताया।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को पौष्टिक भोजन एवं अच्छे स्वास्थ्य का महत्व बताते हुए कहा कि आगे बढ़ने के लिए शरीर और मन दोनों का स्वस्थ होना आवश्यक है। उन्होंने बच्चों को संतुलित आहार लेने और नियमित रूप से खेलकूद में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों को बताया कि आज का दिन विशेष है, क्योंकि आज महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती है, जिसे राष्ट्रीय गणित दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने शिक्षा को व्यक्ति, समाज और राज्य के सर्वांगीण विकास की सबसे मजबूत नींव बताते हुए बच्चों से खूब पढ़ने, खूब खेलने और आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ के बच्चे कठिन परिस्थितियों में पलकर संघर्ष करना सीखते हैं, जिससे उनमें आगे बढ़ने की विशेष क्षमता होती है। उन्होंने बच्चों को लक्ष्य निर्धारण, अच्छे नागरिक बनने और अपने कर्तव्यों के निर्वहन का संदेश दिया। साथ ही नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए नशा मुक्त उत्तराखण्ड के संकल्प को मजबूत करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से अपनी भाषा, बोली और संस्कृति पर गर्व करने का आह्वान करते हुए कहा कि जो अपनी जड़ों से जुड़ा रहता है, वही ऊंचाइयों तक पहुंचता है। संवाद के अंत में उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में उत्तराखण्ड का हर बच्चा देश को दिशा देने वाला नागरिक बनेगा। मुख्यमंत्री ने बच्चों से मेहनत, ईमानदारी और बड़े सपने देखने का संदेश देते हुए कहा कि सरकार सदैव उनके साथ खड़ी है।

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