पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक बार फिर धरने पर बैठने का ऐलान किया है। अघोषित बिजली कटौती को लेकर हरीश रावत ने धामी सरकार पर हमला बोला है और नाराजगी जाहिर की है। हरीश रावत ने कहा एक तरफ देश के माननीय #प्रधानमंत्री ने आज सबसे दिवाली मनाने का अनुरोध किया और दूसरी तरफ उत्तराखंड की सरकार है कि वो हरिद्वार के ग्रामीण अंचलों में अघोषित विद्युत कटौती के नाम पर घंटों-घंटों लोगों को बिजली से वंचित कर रही है, लोगों के घरों में अंधेरा कर रही है, इस कड़कती ठंड में लोगों को कितनी परेशानी हो रही है, इसका शायद राज्य सरकार को एहसास नहीं है।

मैंने कुछ दिन पहले एक सांकेतिक #मौन_व्रत के जरिए इस स्थिति के प्रति अपना विरोध जाहिर किया था और विभाग से भी कहा था कि स्थिति को सुधारें। मुझे बहुत दुःख के साथ कहना पड़ रहा है कि स्थिति में कोई बड़ा सुधार नहीं दिखाई दे रहा है। इसलिये मुझे मजबूर होकर के दिनांक-24 जनवरी, 2024 को दोपहर 1 बजे, डीजीएम ऑफिस रुड़की अर्थात SE विद्युत वितरण के कार्यालय में एक घंटे का #धरना देना पड़ेगा। रुड़की डीजीएम कार्यालय में मैं, 24 तारीख को 1 बजे धरने पर बैठूंगा, आप सबसे आग्रह है कि हमारा साथ दीजिए और इस सरकार को जबरदस्त संदेश भेजिए।

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