16 September 2026

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घोड़े खच्चरों की बीमारी को लेकर रुद्रप्रयाग में सतर्कता

घोड़े खच्चरों की बीमारी को लेकर रुद्रप्रयाग में सतर्कता

आगामी 02 मई 2025 को जनपद में स्थित श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने हैं। सामान्यतः श्री केदारनाथ धाम की यात्रा हेतु आने वाले श्रद्धालुगण पैदल, घोड़ा-खच्चर, डण्डी-कण्डी हैलीकॉप्टर इत्यादि के माध्यम से पहुंचते हैं। श्री केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर अश्ववंश यानि घोड़ा-खच्चर का उपयोग भी न केवल श्रद्धालुओं को ले जाने अपितु सामान ढुलाई में भी होता है। वर्तमान समय में जनपद के कुछ क्षेत्रों में घोड़े खच्चरों पर इक्वाइन इंफ्लेंजुआ का संक्रमण होना पाया गया है। यह इन पशुओं में होने वाली एक प्रकार की संक्रामक यानि तेजी से फैलने वाली बीमारी होती है। इस सम्बन्ध में उत्तराखण्ड शासन के स्तर से निर्णय लिया गया है अश्व प्रजाति के पशुओं में इक्वाइन इंफ्लेंजुआ संक्रमण की रोकथाम हेतु प्रभावी कार्यवाही की जानी है। साथ ही बिना स्क्रीनिंग एवं फिटनेस के अश्ववंशीय पशु जनपद रुद्रप्रयाग में न भेजे जाने के निर्देश दिये गये हैं। घोड़े खच्चरों की बीमारी को लेकर रुद्रप्रयाग में सतर्कता इस क्रम में जनपद पुलिस के स्तर से जनपद सीमाओं, बैरियर, व ऐसे स्थल जहां से जनपद में पशुओं का सम्भावित आवागमन हो सकता है, प्रभावी चेकिंग कर जनपद सीमा मेे पहुंच रहे घोड़ा-खच्चरों को वापस भेजा जा रहा है। साथ ही जनपद क्षेत्रान्तर्गत की सीमाओं में आ रहे घोड़ा-खच्चरों की मानीटरिंग सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी की जा रही है। जनपद पुलिस की सभी से अपील है कि इस संक्रामक बीमारी का उचित उपचार होने व पूर्ण रूप से रोकथाम होने तक जनपद रुद्रप्रयाग की सीमा में अश्ववंशीय पशुओं को लेकर न आयें ताकि आपका पशु भी सुरक्षित रहे।

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पुलिस उपाधीक्षक रुद्रप्रयाग विकास पुण्डीर ने पुलिस बैरियरों की चेकिंग कर ड्यूटी पर नियुक्त पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।