20 September 2026

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कीर्तिनगर में जंगल की आग की चपेट में आने से महिला की मौत

कीर्तिनगर में जंगल की आग की चपेट में आने से महिला की मौत

टिहरी में विकासखंड कीर्तिनगर के पैडूला क्षेत्र में जंगल की आग ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। घास काटने और जंगल में लगी आग बुझाने गई महिला की वनाग्नि की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है, जबकि वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।

जानकारी के अनुसार पिपोला निवासी 50 वर्षीय अंजू देवी पत्नी स्वर्गीय जबर सिंह बुधवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जंगल में घास और लकड़ी लेने गई थीं। इसी दौरान पैडूला क्षेत्र के जंगलों में आग भड़क उठी। बताया जा रहा है कि आग फैलती देख अंजू देवी उसे बुझाने का प्रयास करने लगीं, लेकिन अचानक लपटों की चपेट में आ गईं और गंभीर रूप से झुलस गईं।कीर्तिनगर में जंगल की आग की चपेट में आने से महिला की मौत

इधर शाम करीब पांच बजे जब उनका पुत्र निवास बिष्ट बाजार से घर लौटा तो मां घर पर नहीं मिली। उसने आसपास काफी खोजबीन की, लेकिन कोई पता नहीं चला। देर शाम बहन से बातचीत के बाद पता चला कि मां जंगल गई थीं। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने जंगल में तलाश शुरू की, जहां अंजू देवी का अधजला शव बरामद हुआ। घटना की सूचना तुरंत पुलिस और वन विभाग को दी गई।

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पूर्व ग्राम प्रधान सुनय कुकशाल ने विभाग पर लापरवाही और असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए कहा कि जंगलों में लगातार आग की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन विभाग गंभीरता नहीं दिखा रहा। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज की शवगृह भेज दिया। 18 साल पहले पति को खो चुकी थी अंजू देवी –
संघर्षों के सहारे बच्चों को पाला, अब हादसे ने तोड़ दिया परिवार – अंजू देवी का जीवन संघर्षों से भरा रहा। करीब 18 वर्ष पूर्व उनके पति जबर सिंह बिष्ट की जाखी-डागर मोटर मार्ग पर एक वाहन दुर्घटना में मौत हो गई थी। पति के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी अंजू देवी के कंधों पर आ गई।

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ग्रामीणों के अनुसार उन्होंने गांव-गांव दूध बेचकर अपने बेटे और बेटी का पालन-पोषण किया। मेहनत और संघर्ष के बल पर उन्होंने बेटी की शादी कराई, बेटे को पढ़ाया।

लेकिन बुधवार को जंगल की आग बुझाने के दौरान हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। गांव में मातम पसरा हुआ है और हर आंख नम है।

वन विभाग और राजस्व विभाग ने किया संयुक्त निरीक्षण –
कीर्तिनगर वन रेंज के वन क्षेत्राधिकारी संजय बेलवाल ने बताया कि सूचना मिलते ही वन एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मौके का निरीक्षण किया।

वहीं डीएफओ नरेंद्रनगर वन प्रभाग दिगांथ नायक ने कहा कि प्रथम दृष्टया महिला की मौत घास में लगी आग के कारण हुई प्रतीत हो रही है। उन्होंने बताया कि जहां घटना हुई वह राजस्व विभाग की भूमि है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

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