अंकिता को न्याय दिलाने के लिए आज देहरादून में आयोजित महापंचायत को ऐतिहासिक रूप से सफल रही। इसे लेकर मोहित डिमरी ने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम जनता का आभार जताया। डिमरी ने कहा कि महापंचायत के निर्णयानुसार अब उत्तराखंड के हर हिस्से में “न्याय पंचायतें” आयोजित की जाएंगी
और इसके माध्यम से एक बड़ा जनसंदेश दिया जाएगा। इसके साथ ही गढ़वाल और कुमाऊँ में दो-दो तथा दिल्ली में एक कुल पांच “न्याय संसद” आयोजित की जाएंगी, ताकि अंकिता को न्याय दिलाने की आवाज़ देशभर में गूंजे।
आज की महापंचायत में सर्वसम्मति से पारित प्रमुख प्रस्ताव
1. अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की निगरानी में कराई जाए।
2. सीबीआई जांच अंकिता के माता-पिता की एफआईआर के आधार पर ही हो। अनिल जोशी द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर को तत्काल वापस लिया जाए।
3. कथित VIP दुष्यंत कुमार गौतम और अजय कुमार को जांच के दायरे में लाया जाए।
4. सबूत मिटाने के लिए बुलडोज़र चलाने का आदेश देने वाले मुख्यमंत्री सहित अन्य लोगों को भी जांच के दायरे में लिया जाए।
5. राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को पत्र भेजा जाएगा।
इन तमाम गंभीर सवालों और प्रस्तावों के साथ ये संघर्ष अब और व्यापक, संगठित और निर्णायक रूप लेगा। सरकार को उपरोक्त प्रस्तावों पर कार्रवाई के लिए 20 दिन का समय दिया गया है। न्याय की इस लड़ाई में साथ देने वाले हर व्यक्ति को सलाम।

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