23 August 2026

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आपदा प्रबंधन को लेकर मदन कौशिक ने दिए निर्देश

आपदा प्रबंधन को लेकर मदन कौशिक ने दिए निर्देश

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने सोमवार को उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) में आगामी मानसून सीजन को लेकर राज्य स्तरीय तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में सभी जनपदों एवं रेखीय विभागों द्वारा मानसून अवधि में संभावित आपदाओं एवं आपात स्थितियों से निपटने के लिए की गई तैयारियों की जानकारी दी गई। मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि मानसून अवधि उत्तराखण्ड के लिए अत्यंत संवेदनशील एवं चुनौतीपूर्ण रहती है। प्रदेश में एक ओर जहां मानसून का सीजन प्रारम्भ होने वाला होता है, वहीं दूसरी ओर चारधाम यात्रा भी अपने चरम पर रहती है। ऐसी स्थिति में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिथिलता की गुंजाइश नहीं रहती। आपदा प्रबंधन को लेकर मदन कौशिक ने दिए निर्देश उन्होंने कहा कि सभी रेखीय विभाग, जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ एवं अन्य एजेंसियां पूर्ण समन्वय के साथ 24×7 अलर्ट मोड में कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी आपदा की सूचना प्राप्त होते ही राहत एवं बचाव दल तत्काल मौके पर पहुंचें तथा बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य प्रारम्भ किए जाएं।

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उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में रिस्पांस टाइम सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने सभी विभागों को अपने रिस्पांस मैकेनिज्म को और अधिक प्रभावी एवं त्वरित बनाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने प्रदेशभर में नालों एवं नालियों की सफाई के लिए विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून प्रारम्भ होने से पहले कम से कम दो बार नालों एवं नालियों की सफाई हर हाल में सुनिश्चित की जाए, ताकि जलभराव एवं शहरी बाढ़ जैसी स्थितियों को रोका जा सके।

उन्होंने निर्देश दिए कि संभावित जलभराव एवं बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक उपकरण जैसे हाई कैपेसिटी पम्प, मोटर बोट, लाइफ जैकेट, रेस्क्यू उपकरण एवं संचार संसाधन पूरी तरह कार्यशील अवस्था में उपलब्ध रहें। उन्होंने पुलिस, एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ को विशेष रूप से सतर्क एवं सक्रिय रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार टीमों की पूर्व तैनाती की जाए तथा किसी भी स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में देरी नहीं होनी चाहिए। उपाध्यक्ष, सलाहकार समिति, आपदा प्रबंधन विभाग विनय कुमार रुहेला ने कहा कि सभी जिलाधिकारियों द्वारा प्रत्येक जनपद में मानसून अवधि के लिए खाद्यान्न, राशन एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने खाद्यान्न, पेट्रोल, डीजल, एलपीजी एवं सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए ताकि आपदा अथवा मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में आमजन को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

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मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि मानसून अवधि में बाढ़ एवं जलभराव की घटनाओं का एक प्रमुख कारण नदियों में अत्यधिक मात्रा में सिल्ट जमा होना है। उन्होंने निर्देश दिए कि मानसून प्रारम्भ होने से पूर्व नदियों की ड्रेजिंग करते हुए चैनलाइजेशन हर हाल में किया जाए। उन्होंने कहा कि वन विभाग के अधीन क्षेत्रों में स्थित नदियों में भी डिसिल्टिंग कार्य अत्यंत आवश्यक है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा आवश्यकता होने पर वन मंत्रालय स्तर पर प्रभावी पैरवी की जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वन क्षेत्रों में ड्रेजिंग कार्य में यदि किसी प्रकार की समस्या आ रही हो तो शासन स्तर पर समन्वय स्थापित कर उसका तत्काल समाधान निकाला जाए।

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