24 July 2026

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आरटीआई एक्ट लागू होने के 20 साल, सीएम धामी ने इन्हें किया सम्मानित

आरटीआई एक्ट लागू होने के 20 साल, सीएम धामी ने इन्हें किया सम्मानित

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने RTI Act (सूचना का अधिकार कानून) के लागू होने के 20 वर्ष पूर्ण होने पर आज सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने RTI Act के तहत सराहनीय कार्य करने वाले 5 लोक सूचना अधिकारियों तथा 5 अपीलीय अधिकारियों को सम्मानित किया।

सम्मानित होने वाले अधिकारियों में DM बागेश्वर आकांक्षा कोंडे (तत्कालीन CDO हरिद्वार), CDO देहरादून अभिनव शाह, SSP टिहरी आयुष अग्रवाल, उपसचिव लोक सेवा आयोग उत्तराखण्ड डॉ. प्रशांत, उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा एस.एस. चौहान, अनुसचिव उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग राजन नैथानी, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली पिथौरागढ़ ललित मोहन जोशी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रामनगर वन प्रभाग श्रीमती कमला शर्मा, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा श्री लियाकत अली खान और DDO हरिद्वार वेद प्रकाश शामिल हैं।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि RTI Act भारतीय लोकतंत्र की आत्मा है और पारदर्शी शासन व्यवस्था की आधारशिला है। इस Act ने शासन और नागरिकों के बीच विश्वास, पारदर्शिता और जवाबदेही का एक नया अध्याय खोला है। उन्होंने कहा कि इस कानून ने प्रत्येक नागरिक को शासन की नीतियों, निर्णयों और कार्यप्रणाली को समझने, प्रश्न पूछने और जवाबदेही सुनिश्चित करने का अधिकार प्रदान किया है।

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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की शासन व्यवस्था में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की नई कार्यसंस्कृति विकसित हुई है। उन्होंने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस, ई-ऑफिस, ऑनलाइन पोर्टल, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और जन-सुनवाई जैसे माध्यमों ने शासन और जनता के बीच संबंध को और मजबूत बनाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार पारदर्शी, उत्तरदायी और जनोन्मुखी शासन व्यवस्था की दिशा में सतत कार्य कर रही है। राज्य में प्रशासनिक प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण किया गया है और अधिकांश सरकारी सेवाएं अब ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिससे नागरिकों को जानकारी और सेवाओं की उपलब्धता में सुगमता आई है।

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मुख्यमंत्री ने RTI ऑनलाइन पोर्टल और आयोग की हाइब्रिड सुनवाई व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि इससे न्याय प्रक्रिया और भी सुलभ हुई है। उन्होंने बताया कि अब तक राज्य सूचना आयोग में 13 लाख से अधिक RTI आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से अधिकांश का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। वर्तमान में केवल 700 प्रकरण लंबित हैं, जो आयोग की दक्षता का प्रमाण हैं। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की निष्ठा, पारदर्शिता और संवेदनशीलता की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने नागरिक अधिकारों की रक्षा में प्रशंसनीय भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि RTI जितना महत्वपूर्ण है, उतनी ही इसके उपयोग में जिम्मेदारी भी आवश्यक है। कुछ मामलों में इस अधिनियम का दुरुपयोग देखा गया है, जिस पर रोक लगाने के लिए जनजागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग उन सूचनाओं को अपनी वेबसाइट पर नियमित रूप से प्रदर्शित करे, जिनकी बार-बार मांग की जाती है, ताकि नागरिकों को स्वतः जानकारी मिल सके और पारदर्शिता बढ़े।

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