22 October 2026

Pahad Ka Pathar

Hindi News, हिंदी समाचार, Breaking News, Latest Khabar, Samachar

धामी ने दी फिजूलखर्ची से बचने की नसीहत

धामी ने दी फिजूलखर्ची से बचने की नसीहत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में सचिव समिति की बैठक में प्रतिभाग किया। पुष्कर सिंह धामी राज्य के पहले मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने सचिव समिति की बैठक में प्रतिभाग किया। लगभग 3 घंटे तक चली इस बैठक में राज्यहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पंहुचाने में सचिवगणों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने सचिवगणों से कहा कि राज्य के हर क्षेत्र में विकास के साथ ही लोगों का जीवन स्तर उठाने के लिए हम सभी को सामुहिक प्रयास करने होंगे। धामी ने दी फिजूलखर्ची से बचने की नसीहत

उन्होंने कहा कि योजनाओं के बेहतर निर्माण के साथ ही उनके सफल क्रियान्वयन के लिए पूरा एक्शन प्लान बनाया जाए। सरकार की योजनाओं और फैसलों का प्रभाव करोड़ों लोगों के जीवन पर पड़ता है इसलिए योजनाओं और निर्णयों में राष्ट्रहित और जनहित पहली प्राथमिकता में होना चाहिए।

See also  देहरादून में कांग्रेस की न्याय यात्रा, प्रीतम सिंह और हरीश रावत मौजूद

2 साल में भरे जाएं खाली पद- धामी

मुख्यमंत्री ने सचिवों को निर्देश दिये कि विभागों के रिक्त पदों पर आगामी दो सालों में नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यों और योजनाओं के निर्माण में नवाचार पर विशेष ध्यान दिया जाए और आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुड गवर्नेंस की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों में जिन इंडिकेटरों में हमें सुधार की आवश्यकता है, उन पर विशेष ध्यान दिया जाए। जिन इन्डीकेटर पर राज्य में अच्छा कार्य हुआ है, उनको बनाये रखना हमारे सामने चुनौती भी होगी।

See also  चुनावी मोड में कांग्रेस, बदरीनाथ से गणेश गोदियाल की अगुवाई में शुरू हुई न्याय यात्रा

राज्यहित में हों काम- सीएम धामी

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि सचिव समिति की बैठक में राज्यहित से जुड़े विषयों की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि आगामी एक वर्ष के लिए महत्वपूर्ण योजनाओं का एक रोस्टर प्लान बनाया जाए, जिसमें ऐसी योजनाएं शामिल हों, जो व्यापक जनहित वाली हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की बड़ी परियोजनाओं की पृथक से बृहद स्तर पर समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न परियोजनाओं को दैवीय आपदा अथवा अन्य किसी भी संभावित नुकसान से बचाने के लिए उनका सेफ्टी ऑडिट भी किया जाए। मुख्यमंत्री ने सचिवगणों को मितव्ययिता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

See also  राज्य वन विभाग अभिकरण की कार्यकारी समिति की बैठक