16 September 2026

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जॉर्ज एवरेस्ट मामले को लेकर करन माहरा का धामी सरकार पर हमला, हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग

जॉर्ज एवरेस्ट मामले को लेकर करन माहरा का धामी सरकार पर हमला, हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने राज्य की धामी सरकार पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट के पर्यटन विकास प्रोजेक्ट में हुआ टेंडर घोटाला भाजपा के क्रोनी कैपिटलिज़्म का खुला सबूत है। ये राज्य का अब तक का सबसे बड़ा घोटाला है, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने बाबा रामदेव और उनके सहयोगी आचार्य बालकृष्ण से जुड़ी कंपनियों को 142 एकड़ मूल्यवान हेरिटेज भूमि मात्र 1 करोड़ रुपये वार्षिक किराए पर सौंप दी, जबकि इसकी बाजार कीमत 30,000 करोड़ रुपये से अधिक है।जॉर्ज एवरेस्ट मामले को लेकर करन माहरा का धामी सरकार पर हमला, हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग

माहरा ने कहा, “बीजेपी सरकार ने उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड के माध्यम से दिसंबर 2022 में जारी टेंडर में साफ-साफ मिलीभगत की। तीनों बोली लगाने वाली कंपनियां—राजस एरोस्पोर्ट्स एंड एडवेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड, भारूवा एग्री साइंस प्राइवेट लिमिटेड और प्रकृति ऑर्गेनिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड—प्रत्यक्ष रूप से आचार्य बालकृष्ण द्वारा नियंत्रित थीं। यह टेंडर नियमों और एंटी-कोल्यूशन कानून का खुला उल्लंघन है।”

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उन्होंने आगे आरोप लगाया, “बाबा रामदेव के पतंजलि साम्राज्य को बीजेपी सरकार का विशेष संरक्षण प्राप्त है। एशियन डेवलपमेंट बैंक से 23.5 करोड़ रुपये के ऋण से विकसित इस प्रोजेक्ट को बालकृष्ण की कंपनी को सौंपकर राज्य की जनता को ठगा गया है। कंपनी की आय 8 गुना बढ़ गई, लेकिन राज्य को न्यूनतम राजस्व मिला। मुख्यमंत्री धामी और उनके अधिकारी इस घोटाले के जिम्मेदार हैं।”

करन माहरा ने कहा, “सरकार की इसी कार्यशैली का एक और उदाहरण धारचूला के गूंजी क्षेत्र में देखने को मिल रहा है, जहां वर्षों से रह रहे स्थानीय लोगों के हक़-हकूक और जमीनें सरकार छीनकर जब्त कर रही है और उन्हें परेशान किया जा रहा है। वहीं शिव धाम की जमीन पर्यटन विभाग को दी जा रही है। इस पर हमारी कड़ी नजर है कि सरकार वहां की जमीन को खुर्द-बुर्द कर किसी निजी कंपनी या व्यक्ति को न दे। इसके साथ ही एक और मामला सामने आया है कि एक निजी एविएशन कंपनी ओम पर्वत और छोटा कैलाश के दर्शन करा रही है और यात्रियों को अपने ही होमस्टे में ठहरा रही है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में रोज़गार और आजीविका का संकट गहराता जा रहा है। सरकार केवल कुछ पूंजीपतियों को कमाने का मौका दे रही है और वर्षों से रह रहे स्थानीय लोगों के साथ धामी सरकार खिलवाड़ कर रही है।”

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उन्होंने कहा, “ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। भारतीय जनता पार्टी की सत्ता के दौरान मोदी सरकार से लेकर धामी सरकार तक अनेक सरकारी संस्थानों और उद्योगों को निजी हाथों में सौंपने के लिए अनैतिक हथकंडे अपनाए गए हैं। अपने करीबियों को लाभ पहुंचाने के लिए सत्ता की ताकत से गुप्त सौदों का भरपूर उपयोग किया गया। यह पैटर्न साफ दिखाता है कि भाजपा सरकार जनता की संपत्ति को अपने चहेतों को भेंट करने में लगी है।”

उन्होंने मांग की, “जॉर्ज एवरेस्ट भूमि के इस घोटाले की हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच होनी चाहिए। भाजपा सरकार ने उत्तराखंड को लूट का अड्डा बना दिया है—भर्ती घोटाले, पेपर लीक से लेकर अब पर्यटन घोटाले तक। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी और जनता को न्याय दिलाएगी।”

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