मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज दिल्ली से सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से बात कर उत्तरकाशी जनपद के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम खराब होने के कारण विभिन्न स्थानों पर फंसे ट्रेकर्स, पर्वतारोहियों एवं पोर्टर्स की सुरक्षित निकासी के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू अभियान की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी ट्रेकर्स की सुरक्षित निकासी के लिए रेस्क्यू अभियान युद्धस्तर पर संचालित किया जाए तथा प्रत्येक व्यक्ति की सकुशल वापसी सुनिश्चित की जाए। वहीं आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने भी सचिव आपदा प्रबंधन से बात कर रेस्क्यू अभियान की जानकारी ली है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन भी लगातार रेस्क्यू अभियान पर नजर बनाए हुए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड आने वाला प्रत्येक तीर्थयात्री और पर्यटक राज्य का अतिथि है। उन्होंने कहा कि बर्फबारी प्रभावित क्षेत्र में गए प्रत्येक पर्यटक, ट्रेकर एवं पोर्टर को सकुशल उनके घर तक पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्क्यू किए जा रहे सभी लोगों को आवश्यकतानुसार तत्काल चिकित्सीय सहायता, भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रेस्क्यू अभियान के दौरान सभी ट्रेकर्स से लगातार संपर्क बनाए रखा जाए तथा उनकी लोकेशन, स्वास्थ्य स्थिति एवं अन्य आवश्यकताओं की नियमित जानकारी प्राप्त की जाए। उन्होंने कहा कि दुर्गम एवं उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम की विषम परिस्थितियों को देखते हुए मौसम विभाग के साथ लगातार समन्वय स्थापित किया जाए तथा मौसम की स्थिति के अनुसार रेस्क्यू की कार्ययोजना में आवश्यक बदलाव तत्काल किए जाएं। मुख्यमंत्री ने यूकाडा के माध्यम से रेस्क्यू अभियान के लिएश पर्याप्त संख्या में हेलीकॉप्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त हेलीकॉप्टरों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसम की परिस्थितियां अनुकूल होते ही हवाई रेस्क्यू अभियान को पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जाए और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए ट्रेकर्स को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने रेस्क्यू के बाद सभी ट्रेकर्स की तत्काल मेडिकल स्क्रीनिंग एवं स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि किसी भी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाया जाए
मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू अभियान में शामिल सभी संबंधित एजेंसियों एवं विभागों के बीच बेहतर अंतर-विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू टीमों, जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, सेना, आईटीबीपी, यूकाडा एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखते हुए अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक ट्रेकर का सुरक्षित रेस्क्यू सर्वोच्च प्राथमिकता है और अभियान में उपलब्ध सभी संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाए।
एसईओसी से 24×7 लगातार की जा रही मॉनिटरिंग
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मा0 मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) से रेस्क्यू अभियान की 24×7 लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। जनपद स्तर से रेस्क्यू अभियान की प्रगति, ट्रेकर्स की लोकेशन, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यकताओं के संबंध में लगातार अपडेट प्राप्त किए जा रहे हैं। शासन स्तर से आवश्यकतानुसार संबंधित विभागों एवं जनपद प्रशासन को आवश्यक सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
आपदा प्रबंधन मंत्री भी लगातार ले रहे स्थिति का जायजा
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक भी उत्तरकाशी में चल रहे रेस्क्यू अभियान तथा प्रदेश में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से अभियान की प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए हैं कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे प्रत्येक ट्रेकर की सुरक्षित निकासी के लिए सभी आवश्यक संसाधनों का समुचित उपयोग किया जाए। आपदा प्रबंधन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्क्यू अभियान में किसी भी प्रकार की आवश्यकता होने पर तत्काल आवश्यक संसाधन एवं सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने रेस्क्यू टीमों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने तथा प्रत्येक ट्रेकर की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
उत्तरकाशी में फंसे ट्रेकर्स के रेस्क्यू अभियान में तेजी
08 हेलीकॉप्टरों के माध्यम से युद्धस्तर पर चलाया जा रहा रेस्क्यू अभियान
आडन कोल पास से 29 और कालिंदी पास से 07 ट्रेकर्स सुरक्षित निकाले गए
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि उत्तरकाशी जनपद के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में 10 ट्रेकिंग दलों के 136 ट्रेकर्स विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए थे। इन सभी ट्रेकर्स की सुरक्षित निकासी के लिए सोमवार को तड़के सुबह 06 बजे से ही 08 हेलीकॉप्टरों के माध्यम से युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू अभियान के दौरान आडन कोल पास से सभी 29 ट्रेकर्स को सोमवार सुबह ही सुरक्षित निकाल लिया गया है। वहीं, कालिंदी पास से भी सोमवार दोपहर तक 07 ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने में सफलता मिली है। शेष ट्रेकर्स की सुरक्षित निकासी के लिए भी अभियान लगातार जारी है।
सुमन ने बताया कि मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन द्वारा सुबह से ही रेस्क्यू अभियान की लगातार उच्चस्तरीय मॉनिटरिंग की जा रही है। उनके निर्देशन में संबंधित विभागों एवं रेस्क्यू एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय स्थापित करते हुए अभियान संचालित किया जा रहा है। मुख्य सचिव द्वारा अभियान की पल-पल की अपडेट ली जा रही है तथा आवश्यकता के अनुसार तत्काल दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सचिव नागरिक उड्डयन श्री विनय शंकर पाण्डेय के निर्देशन में यूकाडा के हेलीकॉप्टरों को सुबह से ही रेस्क्यू अभियान में लगाया गया है। यूकाडा के सीईओ श्री प्रतीक जैन द्वारा भी रेस्क्यू अभियान की लगातार निगरानी करते हुए आवश्यक सहयोग एवं समन्वय सुनिश्चित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी उत्तरकाशी प्रशांत आर्य एवं अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्रा द्वारा सुबह से ही रेस्क्यू अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा संबंधित रेस्क्यू टीमों एवं एजेंसियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है। रेस्क्यू अभियान में सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), नेहरू पर्वतारोहण संस्थान तथा जिला प्रशासन की टीमें लगातार जुटी हुई हैं। सभी एजेंसियों द्वारा आपसी समन्वय के साथ उच्च हिमालयी एवं दुर्गम क्षेत्रों में फंसे ट्रेकर्स तक पहुंचने तथा उन्हें सुरक्षित स्थानों तक लाने का प्रयास किया जा रहा है।
मौसम की स्थिति के अनुसार बनाई जा रही रणनीति
सुमन ने बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम की स्थिति को लगातार ध्यान में रखते हुए रेस्क्यू अभियान की रणनीति तैयार की जा रही है। मौसम की परिस्थितियों एवं हेलीकॉप्टर संचालन की स्थिति के अनुसार अभियान की कार्ययोजना में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं, ताकि रेस्क्यू टीमों की सुरक्षा के साथ-साथ फंसे हुए सभी ट्रेकर्स को शीघ्र सुरक्षित निकाला जा सके। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू के बाद ट्रेकर्स की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए एम्स ऋषिकेश एवं श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को अलर्ट मोड पर रखा गया है। आवश्यकता पड़ने पर अस्वस्थ अथवा गंभीर स्थिति वाले ट्रेकर्स को तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। श्री सुमन ने कहा कि प्रत्येक ट्रेकर की सुरक्षित निकासी राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। रेस्क्यू अभियान में उपलब्ध सभी संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जा रहा है और मौसम की स्थिति को देखते हुए अभियान को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।

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