23 August 2026

Pahad Ka Pathar

Hindi News, हिंदी समाचार, Breaking News, Latest Khabar, Samachar

उत्तराखंड में लोकायुक्त का पद 13 साल से खाली, कांग्रेस ने बीजेपी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालों की झड़ी लगा दी

उत्तराखंड में लोकायुक्त का पद 13 साल से खाली, कांग्रेस ने बीजेपी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालों की झड़ी लगा दी

उत्तराखंड कांग्रेस की वरिष्ठ नेता गरिमा मेहरा दसौनी ने उत्तराखंड में वर्ष 2013 से रिक्त पड़े लोकायुक्त पद को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी-बड़ी बातें करने वाली सरकार की नीयत तभी उजागर हो जाती है, जब उसे एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच संस्था की नियुक्ति करने में 13 वर्ष लग जाते हैं। गरिमा दसौनी ने कहा कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय को बार-बार राज्य सरकार को फटकार लगानी पड़ रही है। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन भी न्यायालय के दबाव के बिना नहीं कर पा रही है। यदि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीर होती तो लोकायुक्त की नियुक्ति वर्षों पहले हो चुकी होती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से एक सशक्त और स्वतंत्र लोकायुक्त की पक्षधर रही है। गरिमा ने कहा कि पूर्ववर्ती हरीश रावत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने भी लोकायुक्त जैसी संस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में गंभीर पहल की थी और पारदर्शिता और जवाबदेही को शासन की प्राथमिकता बनाया था। रावत के कार्यकाल में लोकायुक्त का गठन करके फाइल दो बार राज भवन गई लेकिन वहां से कोई ना कोई पेंच फंसा कर लौटा दी गईउत्तराखंड में लोकायुक्त का पद 13 साल से खाली, कांग्रेस ने बीजेपी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालों की झड़ी लगा दी

See also  महंगाई के मुद्दे पर बढ़ी तकरार, यूथ कांग्रेस सचिव ऋषेंद्र महर का सरकार पर प्रहार

गरिमा दसौनी ने कहा कि भाजपा सरकार से यह पूछा जाना चाहिए कि यदि उसकी नीयत साफ है तो लोकायुक्त की नियुक्ति में लगातार देरी क्यों की जा रही है। सर्च कमेटी की बैठक तक समय पर नहीं हो पा रही, बार-बार अदालत से समय मांगा जा रहा है, और जनता को जवाब नहीं दिया जा रहा कि आखिर सरकार किस बात से डर रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भर्ती घोटाले, भूमि घोटाले, खनन अनियमितताएं और अन्य भ्रष्टाचार के अनेक मामले सामने आए हैं। यदि एक स्वतंत्र लोकायुक्त सक्रिय होता तो इन मामलों की निष्पक्ष जांच संभव होती और दोषियों पर समय रहते कार्रवाई होती।

See also  SIR को लेकर उत्तराखंड में संग्राम, कांग्रेस ने दी सड़क से अदालत तक लड़ाई लड़ने की चेतावनी, मनोज रावत बोले वोटर लिस्ट से बिना वजह नाम हटाना लोकतंत्र की हत्या

गरिमा दसौनी ने कहा कि सबसे चिंताजनक बात यह है कि लोकायुक्त संस्था के नाम पर हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन नियुक्ति नहीं की जा रही। यह जनता के धन का दुरुपयोग है और सरकार की प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार तत्काल लोकायुक्त की नियुक्ति करे, संस्था को पूर्ण स्वतंत्रता और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए तथा नियुक्ति प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाए।

गरिमा दसौनी ने कहा, “जिस सरकार को लोकायुक्त से डर लगे, उसकी नीयत पर सवाल उठना स्वाभाविक है। यदि सब कुछ साफ-सुथरा है तो भाजपा सरकार को एक स्वतंत्र जांच संस्था के गठन से भयभीत नहीं होना चाहिए।”

See also  देहरादून में कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल, पुतला फूंककर जताई नाराजगी

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति पर विश्वास करती है और जनता के हित में उत्तराखंड में एक मजबूत, निष्पक्ष और प्रभावी लोकायुक्त की नियुक्ति के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।